ज्ञानपुर (भदोही)।
बारिश के सीजन में तापमान 37 डिग्री के पार पहुंच गया है। पखवारे भर से बारिश की बूंदे न पड़ने से सूखे की आशंका बलवती होने लगी है। सीजन में औसत का 30 फीसदी भी बारिश न होने से उपज को लेकर किसानों के साथ-साथ कृषि विभाग भी चिंतित हो गया है। माना जा रहा है कि यही स्थिति बनी रही तो धान की पैदावार प्रभावित होगी। अगस्त में और बारिश न हुई तो सूखे की आशंका और भी बढ़ सकती है।
देश के कुछ हिस्सों में मूसलाधार बारिश से जहां बाढ़ के हालात बने हुए हैं, वहीं जिले में बारिश की बूंदे भी नसीब नहीं हो रही हैं। अगस्त का दूसरा पखवारा शुरू हो गया है, लेकिन आसमान में बारिश के आसार दूर-दूर तक नहीं दिखाई दे रहा है। सुबह से लेकर शाम तक तेज धूप और उमस से हर कोई बेहाल हो गया है। जिस समय धान के खेतों में एक फीट तक पानी होना चाहिए, उस समय जमीन फटने लगी है। धूप से धान की फसल मुरझाने लगी है। कृषि विभाग के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो बारिश के सीजन में औसतन 988 मिमी बारिश होनी चाहिए, लेकिन जिले में अब तक केवल 30 फीसदी से भी कम बारिश हुई है, वह भी ज्यादातर जुलाई में हुई। सितंबर के पहले पखवारे के बाद बारिश का दौर भी गुजर जाता है। मौसम का मिजाज देख किसान भी सूखे से सशंकित होने लगे हैं। इस सीजन में अब तक महज 281 मिमी. बारिश हुई है। इसमें जून और जुलाई में 265 मिमी. बारिश हुई। जबकि चार अगस्त तक 16 मिमी. बारिश रिकॉर्ड की गई। 12 जुलाई को एक दिन में सर्वाधिक बारिश 93 मिमी हुई थी। पिछले वर्ष के मुकाबले जून और अगस्त में बारिश कम हुई है। वर्ष 2015 में जिस तरीके से मौसम ने धोखा दिया, उसी तरह इस साल भी नजर आ रहा है। उप निदेशक कृषि अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि मौसम का मिजाज चिंता प्रकट कर रहा है। औसतन बारिश न होने से धान की पैदावार प्रभावित होगी। बारिश न होने से पत्ती छेदक, खैरा रोग समेत कई रोग धान में लग सकते हैं। सूखा घोषित करने में प्रशासन की ओर से कई मानक तय होते हैं। इस पर 15 सितंबर के बाद निर्णय लिया जाएगा।
भदोही रजवाहा में पानी न छोड़ने पर आंदोलन
ज्ञानपुर। भदोही रजवाहा में पानी न आने से धान की सिंचाई प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों की ओर से कई बार विभागीय अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया। किसान नेता इंद्रदेव पाल ने विभागीय अधिकारियों से कहा कि दो दिन के अंदर रजवाहा में पानी छोड़ा जाए अन्यथा वह आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।