मेवाराम सेवा समिति की ओर से हरीपट्टी में आयोजित नौ दिवसीय श्रीरामकथा का शुभारंभ मंगलवार की सुबह कलश यात्रा के साथ हुई। कलश यात्रा में 51 कन्याएं शामिल हुई।
कथा स्थल पर कलश यात्रा समाप्त होने के बाद संगीतमयी कथा का शुभारंभ करते हुए कथा वाचक प्रेमभूषण जी महाराज ने कहा कि जण चेतन के द्वारा चलाया जाता है, चेतन होकर भी जड़ जैसा व्यवहार नहीं करना चाहिए। कहा कि सुगंध और दुर्गंध में जैसे अंतर है, उसी तरह आचरण और दुराचार में अंतर है। प्रकाश चंद्र दूबे, देवमणि दूबे, पंकज मिश्रा आदि मौजूद रहे।