ज्ञानपुर। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी 50 हजार महिलाएं लखपति दीदी बनेंगी, हालांकि जिले में विभाग की रफ्तार सुस्त है। लक्ष्य मिलने के बाद जून से अब तक करीब तीन महीने में मात्र 4174 महिलाएं लखपति दीदी बन सकी हैं। ऐसे में मार्च 2027 तक शत प्रतिशत लक्ष्य तक पहुंचना मुश्किल दिख रहा है। छह ब्लॉकों में सबसे खराब प्रगति अभोली की है। जहां सिर्फ 46 महिलाएं ही लखपति दीदी बन सकी हैं।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से भी महिलाओं का जीवन बेहतर किया जा रहा है। इससे जुड़कर महिलाएं छोटी-छोटी बचत के माध्यम से रोजगार सृजन कर स्वावलंबी बन रही हैं। शासन से मिलने वाली प्रोत्साहन राशि के साथ बैंकों से ऋण लेकर फिनायल, दोना-पत्तल, झाड़ू निर्माण सहित कई लघु उद्यम स्थापित कर चुकी हैं।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में शासन ने 50 हजार महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य दिया है। पूर्व के वर्षों में नौ हजार 120 महिलाएं पहले ही लखपति दीदी बन चुकी हैं। अब नए लक्ष्य को पूर्ण करने में विभाग जुट गया है, लेकिन ब्लॉकों की प्रगति ठीक नहीं है। करीब तीन महीने में मात्र आठ से नौ फीसदी महिलाएं ही लखपति दीदी बन सकी हैं। प्रभारी एनआरएलएम आदित्य कुमार ने कहा कि सभी डीपीएम समेत अन्य कर्मियों को लक्ष्य पूर्ण करने का निर्देश दिया गया है। मार्च तक शत प्रतिशत काम कर लिया जाएगा।
लखपति दीदी की ब्लॉकवार स्थिति
ब्लॉक लक्ष्य प्रगति
अभोली 6100 46
औराई 14270 1108
भदोही 11280 1263
डीघ 10540 742
ज्ञानपुर 10110 388
सुरियावां 6820 627
लखपति दीदी योजना का मुख्य उद्देश्य
महिलाओं की वार्षिक पारिवारिक आय को एक लाख रुपये या उससे अधिक करना।
प्रशिक्षण: महिलाओं को सिलाई-कढ़ाई, डेयरी, कृषि, हस्तशिल्प और फूड प्रोसेसिंग जैसे विभिन्न क्षेत्रों में कौशल प्रशिक्षण।
आर्थिक सहायता: योजना के तहत स्वरोजगार शुरू करने के लिए ब्याज मुक्त ऋण और वित्तीय मदद का प्रावधान है।