ज्ञानपुर/ सुरियावां। बारिश ने शुक्रवार को धान क्रय केंद्रों की व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी। सबसे बुरी हालत सुरियावां क्रय केंद्र की रही। यहां करीब पांच सौ क्विंटल धान भीगकर खराब हो गया। दूसरे केंद्रों पर भी व्यवस्था होने से पहले धान भीग गया। विभाग का दावा है कि धान की बोरियों को काफी हद तक सुरक्षित किया गया।
जिले में धान की खरीद के लिए 40 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इसमें विपणन के छह केंद्रों पर 70 फीसदी धान की खरीद की जाती है। जाड़े के सीजन में मौसम साफ होने से अधिकतर क्रय केंद्रों पर बाहर ही धान रखा गया था। बृहस्पतिवार को सुबह से मौसम बिगड़ने लगा। इसको देखते हुए कुछ क्रय केंद्रों पर धान के बोरे का भंडारण करने या राइस मिल भेजा गया, लेकिन कई केंद्रों पर बाहर ही रखा गया। रात में हुई बारिश से सुरियावां विपणन केंद्र पर सैकड़ों धान की बोरियां भीग गईं। अनुमान है कि पांच सौ क्विंटल के करीब धान की बोरी भीग गई।
एसएमआई वर्मा सिंह ने बताया कि गोदाम में चावल और गेहूं रखने की व्यवस्था होती है। धान को राइस मिल पर ले जाने के लिए ठेकेदार की गाड़ी होती है। बारिश से बचाव के लिए तिरपाल आदि लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 45 हजार क्विंटल धान खरीद लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 17 हजार क्विंटल खरीद हो चुकी है। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी श्याम कुमार मिश्रा ने कहा कि विपणन के सभी केंद्रों पर धान को सुरक्षित रखने की व्यवस्था की गई है। सुरियावां केंद्र पर दिक्कत सामने आई है, उसे सुरक्षित किया जा रहा है।