नेशनल और स्टेट हाइवे के किनारे स्थित शराब की दूकानों को एक अप्रैल से बंद कराने का सुप्रीमकोर्ट का आदेश जिले में प्रभावी नजर आ रहा है। जिले में चिन्हित 79 शराब और बीयर की दूकानों को चिन्हित किया गया था। जिसमें 50 को दूसरे स्थानों पर स्थानांतरित किया गया जबकि 29 दूकानों की स्थान न तय होने पर उसे बंद रखा गया है।
हाईवे पर बढ़ते हादसों को देखते हुए सुप्रीमकोर्ट ने राष्ट्रीय राजमार्ग और प्रांतीय राजमार्ग के किनारे स्थित शराब की दूकानों को एक अप्रैल से पहले ही बंद करने का आदेश दिया था। शासन से पत्र आने के बाद जिला प्रशासन और आबकारी विभाग ने सक्रियता दिखाई। 25 मार्च से लेकर 31 मार्च तक जिले में हाईवे पर स्थित 79 शराब और बीयर की दूकानों को चिन्हित किया गया। जिसमें 50 को दूसरे स्थानों पर स्थानांतरित किया गया जबकि 29 दूकानों की स्थान न तय होने पर उसे बंद रखा गया है। विभागीय आंकडों पर नजर डाली जाए तो जिले में बीयर की 31, अंग्रेजी की 44 और देशी शराब की 136 दूकानें संचालित हैं। सड़कों के किनारे डिमांड अधिक होने से ज्यादातर दूकानों को ऐसे ही स्थानों पर खोला जाता है। करीब 200 दूकानों में 79 नेशनल और स्टेट हाइवे पर ही खोली गई थीं। ज्ञानपुर के दुर्गागंज तिराहे पर स्थित शराब की दूकान को करीब एक किमी दूर नथईपुर मार्ग पर कर दिया गया। इसी तरह जीटी रोड की दूकानों को दूसरे स्थानों पर स्थापित किया गया। जिला आबकारी अधिकारी जेबी सिंह ने बताया कि सुप्रीमकोर्ट के निर्देश पर एक भी नई दूकान का लाइसेंस नहीं दिया गया। पुरानी दूकानों का नवीनीकरण किया गया है। बताते चलें कि जीटी रोड पर लंबी दूरी तय करने वाले वाहनों चाहे वो बस हो या ट्रक चालक हैं वह शराब पीकर ही गाड़ी चलाते हैं। जिससे अक्सर एक्सीडेंट हो जाता है। जिससे कई लोगों की जान चली जाती है।