जिले में ठंड बढ़ने के साथ ही ह्रदयाघात के मामले में बढ़ गए हैं। बीते 15 दिनों में हार्ट अटैक से करीब 46 लोगों की जान गई। इसमें अधिकतर लोगों की उम्र 50 से 55 वर्ष के बीच हैं। वहीं सात लोगों की उम्र 25 के 40 बीच रही।
कोईरौना थाना क्षेत्र के परसनी गांव निवासी अजीत तिवारी (38) को दो दिन पहले अचानक सीने में दर्द उठा और उसकी मौत हो गई। इसी तरह घोसिया निवासी ऋतिक बरनवाल (27) की तीन दिन पहले ह्रदयाघात से जान चली गई। शुक्रवार को सुरियावां के नेवादा गांव में लालता प्रसाद गौतम (52) की अचानक मौत हो गई।
एक सप्ताह पहले गोपीगंज के एक 54 वर्षीय व्यापारी की हार्ट अटैक से माैत हुई। जिले में ह्रदयरोग विशेषज्ञ की तैनाती न होने से अधिकतर लोग प्रयागराज, वाराणसी या निजी अस्पताल में उपचार कराते हैं। जिले में फिजीशियन ही ह्रदय रोगियों को देखते हैं। जिले में एक सप्ताह से तापमान नौ डिग्री से नीचे है।
साल 2021 के बाद ऐसा पहली बार हुआ है, जब जनपद का तापमान औसत से करीब तीन डिग्री सेल्सियस से नीचे आया हैं। इससे ह्रदय रोगियों की समस्या भी बढ़ गए। बीते 15 दिनों में 50 वर्ष से ज्यादा उम्र के 38 लोगों की जान गई है। जिले में ह्रदयरोग विशेषज्ञ की तैनाती न होने से समस्या और भी गंभीर हो जाती है। ह्रदय रोगी अस्पताल में पहुंचने के बाद फिजीशियन को ही दिखाते हैं। ह्रदय रोगियों को तत्काल उपचार की जरूरत होती है। ऐसे में ह्रदय रोगियों के लिए विशेषज्ञ न होने से समस्या बढ़ती जा रही है।
जिले में 19 स्टेमी इंजेक्शन ही मौजूद : सीएमओ डॉ.एसके चक ने बताया कि शासन के निर्देश पर 10 सीएमओ कार्यालय और छह सीएचसी अधीक्षक ने एक-एक और जिला अस्पताल व महाराजा बलवंत सिंह राजकीय चिकित्सालय के सीएमएस ने दो-दो इंजेक्शन खरीदे हैं। इसमें से एक इंजेक्शन जिला अस्पताल में एक मरीज को लगा है। सभी छह सीएचसी पर दो-दो इंजेक्शन मौजूद है।
वहीं ड्रग वेयर हाउस में दो इंजेक्शन है। हार्ट के मरीज जब स्वास्थ्य केंद्र पर आते हैं, ईसीसी करने के बाद एमडी फिजीशियन या विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह पर इंजेक्शन लगाए जाते हैं। इसके बाद मरीज को बीएचयू रेफर कर दिया जाता है। एक स्टेमी इंजेक्शन की कीमत पांच हजार रुपये हैं।