ज्ञानपुर। ग्रामीणों को गांव में ही ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध कराने में 45 ग्राम पंचायतें फिसड्डी साबित हुई हैं। साल 2025-26 में एक भी ऑनलाइन सेवा न देने पर विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। पंचायत राज विभाग की तरफ से पंचायत सहायकों को डिफाल्टर मानते हुए नोटिस जारी किया जा रहा है। जिसमें कहा गया है कि पूरे साल एक भी सेवा न दिए जाने से स्पष्ट है कि पंचायत सचिवालय में स्थापित सहज जनसेवा केंद्र पर कोई काम ही नहीं किया गया है।
गांवों में ही ग्रामीणों को विभिन्न विभागों की ऑनलाइन सेवाएं दिए जाने के लिए 546 गांवों में पंचायत सचिवालय बने हैं। इनमें करीब 250 में सहज जनसेवा केंद्र की स्थापना कराई गई है। इनके संचालन की जिम्मेदारी पंचायत सहायकों को सौंपी गई है। विभागीय स्तर से की गई समीक्षा में ग्राम पंचायत स्तर पर ऑनलाइन सेवाएं देने में लापरवाही सामने आई है। डीपीआरओ ने समीक्षा में पाया कि 45 ग्राम पंचायतों में एक भी सेवा नहीं दी गई है। पंचायत सहायकों को डिफाल्टर श्रेणी में रखा गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में पंचायत सहायकों ने एक भी ऑनलाइन सेवा प्रदान नहीं की। पंचायत सहायकों की उदासीनता से सरकार की मंशा पूरी नहीं हो पा रही है। इससे ग्रामीणों को जरूरी कागजात बनवाने के लिए ब्लॉक से लेकर बाजारों में जाना पड़ता है। लापरवाही वाली ग्राम पंचायतों में डीघ ब्लॉक की 15, ज्ञानपुर की पांच, भदोही की आठ, सुरियावां की दो, अभोली की तीन और औराई की सात शामिल हैं। प्रभारी डीपीआरओ ज्ञान प्रकाश ने बताया कि पंचायत सहायकों के कार्यों की समय-समय पर समीक्षा की जाती है। जहां-जहां कमियां मिलती हैं, वहां के सहायक को नोटिस जारी किया जाता है। इस बार 45 पंचायत सहायकों को नोटिस भेजा जा रहा है।