फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नईबाजार के विकास को आशावान हैं व्यवसायी

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
नईबाजार। आजादी के बाद से नईबाजार के लिए अगर कोई एक अच्छा काम हो सका है तो वो है नगर पंचायत का दर्जा मिलना, लेकिन इसके बाद भी नईबाजार को नगरीय सूरत नहीं मिल पाई। नगर की मुख्य मार्ग भी दयनीय है। नालियों की दशा ठीक नहीं है। नगर से होकर आधा दर्जन गांवों को पहुंचने वाली मार्गों की दशा सुधर नहीं पाई। इस बार के चुनाव को लेकर फिर से लोग उम्मीद बनाए हुए हैं। व्यवसायियों का मानना है कि शहर के कायापलट के लिए दमदार और तेजतर्रार नुमाइंदा संसद में भेजना होगा।
कपड़ा व्यवसायी संजय मोदनवाल ने कहा कि नईबाजार मिनी डालर नगरी है, लेकिन उस नजरिए से इसका विकास नहीं हुआ। बाजार से होकर गुजरने वाली मुख्य मार्ग के निर्माण का वादा कई बार अखबारों में पढ़ चुका हूं लेकिन निर्माण नहीं हो सका। फिर भी हम लोगों को अपने जनप्रतिनिधि पर भरोसा तो जताना ही होगा। व्यवसाई मनोज जायसवाल ने कहा कि हमारा काम चलता रहे इसके लिए कालीन उद्योग को चलते रहना होगा। कहा जो भी जनप्रतिनिधि जीते उसे प्रथम प्राथमिकता कालीन उत्पादन, निर्यात को ही देना होगा। ऐसा होने से नगर तरक्की करेगा। नई सरकार और नए जनप्रतिनिधि से आशाएं जग उठी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

कपड़ा दुकानदार दीनानाथ जायसवाल ने कहा कि नईबाजार से होकर मर्दनपुर, शेरवां - डोमनपुर,रैमलपुर, रघुनाथपुर आदि गावों को जाने वाले मार्ग कभी बन नहीं सके। जबकि देश में बीते पांच वर्षों में सड़कों पर सर्वाधिक कार्य हुआ है। कस्बों के विकास के लिए सड़कों का निर्माण आवश्यक है। रंगाई व्यवसाई मुकेश यादव ने कहा कि ढांचागत समस्याओं का संज्ञान लेने वाला जनप्रतिनिधि हो। हमारे सामने ढांचागत से लेकर बिजली, पानी, जलनिकासी सभी समस्याएं हैं जिन्हें दूर करने के लिए दमदार प्रतिनिधित्व की आवश्यकता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें