ज्ञानपुर। कड़ी धूप और गर्म हवाओं के बीच शनिवार रात एक बार फिर मौसम ने पलटी मारी। भोर में उमड़- घुमड़ के बीच तेज हवाओं संग बारिश शुरू हो गई। इससे गेहूं की कटाई और मड़ाई की जुगत में लगे किसानों की धड़कने बढ़ गई। 15 से 20 मिनट तक ही हुई बारिश से खास नुकसान तो नहीं हुआ, लेकिन मौसम के बदलते मिजाज को देख किसानों ने कटाई और मड़ाई में तेजी ला दी है, ताकि नुकसान से बचा जा सके।
रबी सीजन में बोई जाने वाली फसलों की मार्च- अप्रैल में ही कटाई की जाती है। जिले में करीब 50 हजार हेक्टेअर में बोई गई गेहूं की फसल करीब-करीब तैयार हो चुकी है। रबी की फसलों के लिए इस बार मौसम अभी तक अनुकूल रहा है। गेहूं, अरहर, मटर, सरसों, मसूर और तिलहन की लहलहाती फसलों को देखकर इस बार किसान काफी उत्साहित हैं। जिससे ज्यादातर किसान इस बार गेहूं की अच्छी पैदावार की बात कर रहे है। खाद, बीज, पानी के लिए तमाम परेशानी सहने के बाद किसान उसकी कटाई और मड़ाई करने में जुटा है।
करीब एक पखवाड़े से साफ मौसम शनिवार की रात में एक बार फिर बदल गया। अचानक मौसम बदलने से किसान चिंतित हो गए। काली घटाओं के बीच रविवार को सुबह तेज हवा और बारिश शुरू हो गई। यह देख किसानों के माथे पर पसीना आने लगा। आशंका सताने लगी कि बारिश अधिक हुई या ओले पड़े तो खेतों में खड़ी फसल नष्ट हो जाएगी। देवाजितपुर के किसान भोलानाथ उपाध्याय की माने तो गेहूं की 90 फीसदी से अधिक फसल अभी खेतों में ही है। उसकी कटाई शुरू हो चुकी है, मड़ाई कर घरों तक पहुंचाने में कम से कम 15 दिन का समय लगेगा। मौसम अनुकूल रहा तो 15 से 20 अप्रैल तक 80 फीसदी मड़ाई पूरी हो जाएगी। वहीं मौसम के बदलते रूख को देखते हुए किसान मशीनों से ही गेहूं की कटाई शुरू कर दिए हैं। उप निदेशक कृषि अरविंद सिंह ने कहा कि गेहूं की फसल तैयार हो चुकी है। रविवार की बारिश से फसलों का कोई नुकसान नहीं होगा। आधे या एक घंटे मूसलाधा बारिश या ओले पड़ने से ही फसल प्रभावित होगी।
डेढ़ लाख एमटी उत्पादन का लक्ष्य
ज्ञानपुर। उप निदेशक कृषि अरविंद सिंह ने कहा कि इस बार 55 हजार हेक्टेअर में रबी की बुआई की गई है। जिसमें 50 हजार हेक्टेअर गेहूं तो पांच हजार हेक्टेअर में अरहर, मटर, सरसो आदि बोई गई है। उन्होंने कहा कि फसलों के लिए अब तक मौसम अनुकूल रहा। डेढ़ लाख एमटी गेहूं के पैदावार का लक्ष्य विभाग की ओर से तय किया गया है।