ज्ञानपुर। पिछले कुछ समय में सूचना एवं प्रोद्यौगिकी ने हमारे जीवन को पूरी तरह से बदल दिया है, शिक्षण का क्षेत्र भी इससे अछूता नहीं हैं। आज शिक्षा के क्षेत्र में सूचना एवं प्रोद्यौगिकी के उपयोग पर अत्यधिक बल दिया जा रहा है। ये बातें जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने केएनपीजी कालेज में मंगलवार को ई-लाइब्रेरी के उद्घाटन पर कही। उन्होंने छात्रों को गूगल पर हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषा में संस्था से जुड़े प्रश्नावली के लिंको को दिखाया।
डीएम ने कहा कि शिक्षण संस्थान में सूचना और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में ई-लाइब्रेरी का होना बहुत महत्वपूर्ण भूमिका होती है। छात्रों को हिंदी और अंग्रेजी दोनो ही भाषा में संस्थागत प्रश्नावली से परिचित कराया गया। कहा कि ई-पुस्तकालय के माध्यम से छात्र-छात्राओं को ई-पुस्तक, ई-जर्नल, संसाधन व्यक्तियों, प्रशिक्षकों, विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं से दुनिया के किसी भी कोने में गूगल से जुड़कर आसानी से जानकारी पा सकते हैं। डीएम ने इंटरनेट के दुष्प्रभावों पर भी प्रकाश डाला। मुख्य विकास अधिकारी हरिशंकर सिंह ने गूगल की सर्वव्यापकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षण से लेकर जन मानस के उपयोग आने वाली सभी जानकारी गूगल पर उपलब्ध है। कहा कि आज के विद्यार्थी पारंपरिक कक्षा की तुलना में प्रौद्योगिकी संपन्न कक्षाओं में पठन-पाठन करना पसंद करते हैं। प्राचार्य पीएन डोंगरे ने कहा कि सूचना संचार प्रौद्योगिकी का उपयोग शिक्षा की प्रभावशीलता को बढ़ाने के साथ साथ अध्ययन और अध्यापन की गुणवत्ता को भी बढ़ाता है। संचालन करते हुए डॉ. कमाल अहमद सिद्दीकी ने ई-पुस्तकालय के साथ साथ आईसीटी और स्मार्ट क्लासेस की भी संचालन के लिए जरूरी बताया। मौके पर मंजू देवी, किशरी लाल पांडेय, अरुण कुमार कुशवाहा, कल्ना अवस्थी, कामिनी वर्मा, हेमंत कुमार निराला, मनीषा, रत्नेश कुमार सोनी, अमित गोयल, नवीन कुमार, श्रीप्रकाश मिश्र, अभिमन्यु यादव, संतोष आर्य, विनोद कुमार यादव, लोकपति त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।