औराई। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) महत्वाकांक्षी योजना है। योजना से जुड़े ग्रामीण मजदूर सौ दिन का रोजगार सृजन कर परिवार का भरण-पोषण कर सकते हैं और शासन की योजनाओं से लाभान्वित हो सकते हैं।
बुधवार को ब्लाक सभागार औराई में आयोजित मनरेगा कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि गांव में काम के लिहाज से योजना काफी महत्वपूर्ण है। हर विभाग में मनरेगा के अंतर्गत काम कराए जा सकते हैं। 90 दिन का काम करने वाले श्रमिक श्रम विभाग में रजिस्ट्रेशन कराकर अनेकों योजनाओं का लाभ प्राप्त कर जीवन को सुदृढ़ भी किया जा सकता है। मुख्य विकास अधिकारी हरिशंकर सिंह ने कहा कि मनरेगा में लगे ग्राम रोजगार सेवक, तकनीकी सहायक एवं अन्य कर्मी पूरे मनोयोग के साथ इस महत्वाकांक्षी योजना को सफल बनाने में लापरवाही न बरतें। कार्यशाला में उपस्थित रहे ब्लाक कर्मचारियों, अधिकारियों, रोजगार सेवकों, जेई, समन्वयकों को हर हाल में पंजीकृत मजदूरों को काम दिलाने की नसीहत दी। बताया कि योजना के तहत न तो बजट की कमी है और न ही काम का। जैसे-जैसे कार्यों अंजाम दिया जाता रहेगा वैसे-वैसे मानिटरिंग के तहत मजदूरों का भुगतान सरल होता जाएगा। इस मौके पर राकेश सिंह, डीसी मनरेगा सुनील कुमार तिवारी, पीडी मनोज कुमार, बीडीओ श्याम जी, सुरेश तिवारी, बड़ी संख्या में रोजगार सेवक व सचिव समेत अन्य मातहत उपस्थित रहे।