भदोही। उर्दू डे पर शुक्रवार को नूरखांपुर मदरसा तालीमुल जदीद में आयोजित समान्य उर्दू ज्ञान प्रतियोगिता में बालिकाओं ने बालकों को पीछे छोड़ दिया। उर्दू इमला में जहां जलालपुर के तकवा गर्ल्स इस्लामिक कॉलेज की छात्राओं का दबदबा रहा, वहीं बाकी दो प्रतियोगिताओं में मिला जुला प्रदर्शन रहा। शनिवार को सम्मान समारोह में मदरसा तालीमुल जदीद के प्रबंधक हाजी शाहिद हुसैन अंसारी ने कहा कि बालिकाओं को पढ़ने का मौके मिले तो वे छात्रों से कहीं आगे निकलने की कूवत रखती हैं।
उन्होंने कहा कि आज बालिकाएं पहले जैसी नहीं रहीं। बालिकाएं पढ़ लिख कर ऊंचे ओहदों तक जा पहुंची हैं। यह तभी संभव हुआ है, जब उन्हें पढ़ने का मौका मिला है। इसलिए अभिभावकों को चाहिए कि उन्हें पढ़ाई पूरी करने दें। इस दौरान उन्होंने आयोजित तीन प्रतियोगिताओं के विजेताओं को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। मदरसे के प्रिंसिपल हाफिज मो. असहाब ने बताया कि इमला में उम्मे रुमानी, महशहर जहां और शबनम बानो क्रमश: प्रथम, द्वितीय और तृतीय रहीं। बैतबाजी (अंताक्षरी) में मदरसा तकवा गर्ल्स इस्लामिक कॉलेज प्रथम, मदरसा अरबिया मदीनतुल इल्म पीरखांपुर द्वितीय और मदरसा तालीमुल जदीद तृतीय रहे। उर्दू सारांश में तकवा की अलीजा प्रथम, मदरसा मदीनतुल इल्म के अशहर रजा द्वितीय और मदरसा तालीमुल जदीद की सना शाहीन तृतीय रहीं। इस मौके पर मो. अब्दुस्समद जेयाई, मो. खालिद अंसारी, जुबैर अहमद, मो. रमजान, पूर्व सभासद मुख्तार अंसारी, महमूद अंसारी आदि मौजूद रहे।