जनगणना-2027 के द्वितीय चरण में जिले के परिवारों से 40 अहम सवाल पूछे जाएंगे। इनमें परिवार के सदस्यों की संख्या, शिक्षा, वैवाहिक स्थिति, रोजगार, आजीविका और मातृभाषा समेत सामाजिक-आर्थिक एवं जनसांख्यिकीय जानकारी शामिल होगी।
जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने बताया कि 16 नवंबर से 30 नवंबर तक स्व-गणना की सुविधा रहेगी। इसके बाद एक दिसंबर से 4 जनवरी तक प्रगणक घर-घर पहुंचकर निर्धारित प्रश्नावली के आधार पर जानकारी दर्ज करेंगे।
सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनगणना कार्यशाला में डीएम ने अधिकारियों को जानकारी दी।
बताया कि द्वितीय चरण में पूछे जाने वाले प्रश्नों में व्यक्ति का नाम, परिवार के मुखिया से संबंध, लिंग, जन्मतिथि, आयु, विवाह के समय आयु, पति/पत्नी का नाम, राष्ट्रीयता, धर्म, अनुसूचित जाति/जनजाति, माता-पिता का विवरण, दिव्यांगता, मातृभाषा, अन्य भाषाओं का ज्ञान, साक्षरता, डिजिटल साक्षरता, शैक्षिक स्तर, पिछले वर्ष कार्य करने की स्थिति, व्यवसाय, उद्योग, कार्यस्थल तक आवागमन, जन्म स्थान, पिछला निवास स्थान, वर्तमान निवास की अवधि तथा पिछले निवास का पता आदि से संबंधित जानकारी शामिल होगी।
बैंक खातों की संख्या, मोबाइल नंबर, आधार, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट आदि से जुड़े प्रश्न भी शामिल होंगे। परिवार की मातृभाषा के रूप में हिंदी और भोजपुरी दर्ज किए जाने का प्रावधान भी रहेगा।
इस दौरान 3,600 प्रगणक घर-घर जाकर जनसंख्या गणना का कार्य करेंगे, जबकि लगभग 550 पर्यवेक्षक कार्य की निगरानी करेंगे। जनगणना कार्य से जुड़े कार्मिकों को कार्य की बारीकियों एवं निर्धारित प्रक्रिया से अवगत कराने के लिए दो मास्टर ट्रेनर एवं 60 फील्ड ट्रेनर की व्यवस्था की गई है।
डीएम ने कहा कि जनगणना कार्य से जुड़े सभी कार्मिकों को निर्धारित प्रशिक्षण गंभीरता एवं गुणवत्तापूर्वक प्रदान किया जाए।
उन्होंने कहा कि जनगणना देश का अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है। इसके सफल संचालन के लिए सभी स्तरों पर समन्वय, शुद्धता एवं समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए।
प्रशिक्षण कार्यशाला जनगणना निदेशालय के ट्रेनर पंकज सिंह द्वारा किया गया। इस मौके पर एडीएम शुभांगी शुक्ला, सीडीओ बाल गोविंद शुक्ला आदि अधिकारी माैजूद रहे।