मुख्यालय के पास सीएमओ कार्यालय। संवाद
- फोटो : टूंडला रेलवे स्टेशन पर जम्मू कश्मीर अमरनाथ यात्रा पर जाने के लिए आरक्षण कराते श्रद्धालु संवाद
ज्ञानपुर। जिले में स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर होने के दावे धरातल पर फेल होते नजर आ रहे हैं। चिकित्सकों की कमी के कारण दो जिला अस्पताल समेत 29 स्वास्थ्य केंद्र रेफरल सेंटर बन गए हैं।
20 लाख की आबादी वाले जिले में नियमित चिकित्सकों की संख्या 103 है, जबकि सृजित पद 173 हैं। इनमें से 10 चिकित्सक पीजी करने गए हैं। उनके अवकाश पर होने के कारण कार्यरत चिकित्सकों की संख्या 93 रह गई है। करीब 40 फीसदी पद अब भी रिक्त हैं। ऐसे में एक चिकित्सक पर 19 हजार 417 लोगों के उपचार की जिम्मेदारी है। इसमें भी अधिकांश चिकित्सक समय से ओपीडी में नहीं पहुंचते हैं। जिले के सात नगर निकायों और 546 ग्राम पंचायतों में करीब 20 लाख की आबादी है। स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए जिले में तीन बड़े अस्पताल हैं। इनमें महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय ज्ञानपुर, महाराजा बलवंत सिंह राजकीय चिकित्सालय भदोही और मुख्यालय स्थित 100 शय्या संयुक्त चिकित्सालय सरपतहां शामिल हैं।
इसके अलावा छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 20 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तथा 206 आयुष्मान आरोग्य मंदिर हैं। यहां प्रतिदिन 5000 से 5500 मरीजों की ओपीडी होती है। ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिलने के कारण जिला अस्पतालों में रोजाना करीब एक हजार मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। उनकी जांच के बाद दवा दी जाती है। जिले में कार्डियोलॉजिस्ट, ईएनटी विशेषज्ञ, फिजिशियन, निश्चेतक, बाल रोग विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ सहित कई विशेषज्ञ चिकित्सकों का अभाव है। इसके चलते लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से प्राथमिक उपचार के बाद मरीजों को जिला अस्पताल रेफर किया जाता है। वहां भी आवश्यक प्रक्रिया के बाद मरीजों को वाराणसी और प्रयागराज रेफर किया जाता है।