परदेश से कमाकर संक्रामक बीमारी घर लाने की वजह से जिले में एचआईवी पॉजिटिव मरीजों की तादाद बढ़ गई है। भदोही जिले में इस वर्ष अब तक 37 नए एचआईवी पॉजिटिव मरीज मिले हैं। इसके साथ ही जिले में एचआईवी पॉजिटिव मरीजों की तादाद बढ़कर 106 हो गई है। इनमें 17 ऐसे मरीज मिले हैं, जो टीबी के मरीज होने के साथ-साथ एचआईवी पॉजिटिव भी हैं। चाैंकाने वाली बात है कि एचआईवी पॉजिटिव के जितने भी मरीज मिले हैं, उसमें अधिकांश लोग रोजी-रोटी के सिलसिले में परदेश में रहते हैं। इसके चलते उनके परिवार और बच्चों को भी एचआईवी संक्रमित होने का खतरा बढ़ गया है।
मालूम हो कि पिछले साल 2016 में 12 महीने में करीब दो हजार लोगों की जांच में 69 एचआईवी के पॉजिटिव मरीज मिले थे। इस साल पांच महीने में ही (मई तक) 37 नए मरीज मिल गए हैं।
जिला अस्पताल के आई सीटीसी सेंटर में 1532 लोगों की जांच की गई। इसमें अब तक 37 मरीज पॉजिटिव मिले हैं। पॉजिटिव मिले मरीजों में पुरुषों की संख्या 23, महिलाओं की 12 और दो बच्चे हैं। महराजा चेतसिंह जिला अस्पताल के एचआईवी सेंटर के काउंसलर डॉ. फुजैल अशरफ ने बताया कि एचआईवी पॉजिटिव जितनी महिला मरीज हैं, उनको एड्स का तोहफा उनके पतियों से मिला है। वही हाल बच्चों का भी है।
चूंकि सेंटर पर जांच में पुरुष के एचआईवी पॉजिटिव मिलने पर उसके पत्नी और बच्चों की जांच अनिवार्य रूप से की जाती है। डॉ. अशरफ ने बताया कि जिले में एकमात्र जांच के लिए सेंटर जिला अस्पताल में है। जो भी जांच कराने आते हैं, वे बहुत हिम्मत करके, क्योंकि अधिसंख्य लोग तो जांच से भी कतराते हैं। अनजाने में वे एचआईवी का तोहफा अन्य लोगों को भी देते हैं।