आईआईसीटी में सेल्फी प्वाइंट में फोटो सत्र के दौरान पुरातन छात्र दल। स्रोत-संवाद
भदोही। भारतीय कालीन प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईसीटी) के रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में शनिवार को पुरातन छात्र समागम में तीन दर्जन पुरातन छात्र शामिल हुए। इतने ही छात्रों ने दूरस्थ माध्यम से हिस्सा लिया। छात्र समागम में निदेशक प्रो. राजीव कुमार वार्ष्णेय ने कहा कि संस्थान का रजत जयंती केवल मौजूदा छात्रों के लिए बल्कि आप सबके लिए भी गर्व का विषय है। कहा कि आप लोगों ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से जो मुकाम हासिल किया है, उसे बनाए रखें। आशा है कि आप लोग अपने जूनियर छात्रों को जब भी आवश्यकता पड़ेगी, उनका मार्गदर्शन करेंगे। कहा कि संस्थान को 50 वर्ष भी हो जाएं, तब भी आप लोग आईआईसीटी परिवार के सदस्य रहेंगे। समागम में 2024 बैच के एसके यादव ने कहा कि संस्थान प्राप्त शिक्षा और मौजूदा औद्योगिक कार्यप्रणाली में व्यावहारिक अंतर होते हैं। इनकी जानकारी मौजूदा छात्रों को होनी चाहिए। उन्होंने मौजूदा छात्रों को लगातार तकनीकी ज्ञान में बढ़ोत्तरी करने के साथ-साथ समय प्रबंधन, संचार कौशल, टीमवर्क, समस्या समाधान क्षमता आदि में दक्षता हासिल करते रहने का आह्वान किया। 2017 बैच के मनीष कुमार ने कहा कि हमें संस्थान और यहां के फकल्टी से हर सहयोग मिला। जिसके हम आभारी हैं। संस्थान के डीन प्रो. आरके मलिक ने बताया कि हमारे बहुत से छात्र वापी (गुजरात), पानीपत, मुंबई, कोलकाता, बंगलुरू में हैं, जो नहीं आ सके उसमें से बहुतों ने अपने शुभकामना संदेश भेजे और दूरस्थ माध्यम से इस समागम का हिस्सा बने। पुरातन छात्रों महेश प्रताप दुबे (2009 बैच), अमित पाठक (2014 बैच), अजय पटेल (2015 बैच), महमूद (2021 बैच), अनस खान (2023 बैच) के अलावा वर्ष 2024 बैच के अमित यादव, सद्दाम हुसैन, शुभम मौर्य, दीपक पाठक, उपेन्द्र यादव आदि रहे। समागम में डॉ. एसके पाल, बीडी गुप्ता, अनु मिश्रा, अतानु मन्ना, मोमिता बेरा, जयंत देशपांडेय आदि रहे।