वह बुधवार को चौधरी चरण सिंह की जयंती पर कृषि भवन घरांव में आयोजित किसान सम्मान दिवस पर बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि चौधरी जी ने देश में अपनी खेती करने का अधिकार दिया। जमींदारी प्रथा को खत्म कर किसानों को जीने का रास्ता दिखाया। उन्होंने जिले के किसानों से आग्रह किया कि वह कृषि के साथ ही पुष्प, मत्स्य, पशुपालन करें।
इस दौरान जिले के 32 प्रगतिशील किसानों को कृषि विभाग, उद्यान विभाग, पशुपालन विभाग की ओर से प्रभारी जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी आरपी मिश्रा ने सम्मानित किया।
इसके पूर्व पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। उप निदेशक कृषि डा. आरके मौर्य ने विभाग की ओर से किसानों के लिए चलाई जा रही योजनाओं के बारे में बताया।
कृषि विशेषज्ञ रामकुबेर यादव ने गेहूं की बुआई को लेकर कई बातों को बताया। कहा कि किसान पहली सिंचाई बुआई के 20 से 25 दिन बाद करनी चाहिए।
खरपतवार के रोकथाम के लिए सल्फोसल्फूयरान, मेटासल्फयूरान और टोटल नमक का छिड़काव करने से चौड़ी और सकरी पत्ती वाले खरपतवार नष्ट हो जाते हैं। लोकगीत कलाकार रामराज और जटाशंकर यादव ने गीतों के माध्यम से विभाग की योजनाओं पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान निजी कंपनियों ने अपने स्टाल लगाकर लोगों को जागरूक किया। कृषि अधिकारी ओपी मिश्रा ने आए लोगों का आभार जताया।