मोढ़। अतिक्रमणविरोधी कार्रवाई में बेघर हुए परिवार के तंबू में मंगलवार की रात आग लग गई। इससे गृहस्थी के सामान और नकदी जल गए।
मोढ़ इलाके के बसपरा गांव निवासी जिलाजीत उपाध्याय का मकान विगत सात फरवरी को हाईकोर्ट के आदेश पर तत्कालीन उपजिलाधिकारी और तहसीलदार भदोही की देखरेख में जेसीबी लगाकर गिरा दिया गया था। इससे परिवार के लिए रहने का ठिकाना नहीं रह गया था। खाने के लिए भी परिवार को किल्लत झेलनी पड़ रही है। मकान गिरने के बाद तत्कालीन एसडीएम और तहसीलदार ने जिलाजीत को आवास के लिए जमीन मुहैया कराने और रहने के लिए तात्कालिक व्यवस्था करने का आश्वासन दिया गया था, परंतु आज तक ना तो जमीन मुहैया कराई गई ना ही रहने की कोई व्यवस्था की जा सकी। परिवार चिलचिलाती धूप में तंबू लगाकर छोटे-छोटे बच्चों के साथ गुजर करने को विवश है। मंगलवार को भोर में चार बजे जिलाजीत के बड़े पुत्र सुरेंद्र कुमार उपाध्याय अपनी पत्नी शिव देवी और चार लड़कों के साथ एक तंबू में सोए हुए थे कि अचानक आग लग गई। इससे तंबू में रखे गृहस्थी के सामान और भूसा जल गया। ग्रामीणों ने बच्चों को बाहर निकाला। गर्भवती शिव देवी का कहना है कि पांच हजार इकट्ठा करके रखी थी, वह भी जल गया।