भदोही। भदोही महोत्सव की पहली शाम देश के नामचीन कवियों और शायरों की शब्द रचनाओं से सजी। अभयनपुर मैदान पर आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन और मुशायरे का लोगों ने आधी रात तक आनंद उठाया। राहत इंदौरी, महेश दूबे, कविता तिवारी समेत आधा दर्जन से अधिक रचनाकारों ने एक से बढ़कर एक रचनाएं पेश कीं।
मुंबई से आए राहत इंदौरी ने अपने कलाम से लोगों को कहीं गंभीर होने को मजबूर किया तो अपनी बातों से लोगों को आनंदित भी किया। शायरी के जरिए आधे घंटे तक देशप्रेम, शृंगार और मनोविनोद की झलकियां देते रहे। जब उन्होंने पढ़ा-तेरी हर बात मुहब्बत में गंवारा करके, दिल के बाजार में बैठे हैं खसारा करके, मैं वो दरिया हूं हर बूंद भंवर है जिसकी, तुमने अच्छा ही किया मुझसे किनारा करके...तो खूब तालियां बजीं। पाकिस्तान को आईना दिखाते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली में बैठकर करें हम ही अमन की बात, तुम भी तो थोड़ी कोशिश लाहौर से करो...। इसके अलावा कई चुटीले कलाम पेश किए।
कवियित्री कविता तिवारी को सुनने को लोग बेताब दिखे। उन्होने सुनाया क्षितिज तक शौर्य गूंजेगा तभी दिनमान बदलेगा, उतारो भारती की आरती सम्मान बदलेगा। विवादों में उलझकर कीर्ति मां की मत करो धूमिल, शहीदों की करो पूजा तो हिंदुस्तान बदलेगा। उनकी इन पंक्तियों से लोग भाव से भर उठे। इससे पहले उन्होंने अपने काव्य पाठ की शुरुआत करते हुए सुनाया कविता की पंक्तियां राष्ट्र जागरण बने। आशीष आप सबसे यही मांग रही हूं। राजस्थान से आए अब्दुल गफ्फार ने अपने अंदाज और शायरी से लोगों को खूब लुभाया। डॉ. निधि, सरला शर्मा, महेश दूबे ने भी अपनी अपनी रचनाओं से लोगों को मस्त मगन कर दिया। संचालन मुंबई से आए महेश दूबे ने किया। शहर सहित आसपास क्षेत्रों के सैकड़ों गणमान्य लोगों के साथ साथ हजारों लोग मौजूद थे। आयोजक कृष्णा मिश्रा, डॉ. एके गुप्ता ने लोगों का आभार जताया।