ज्ञानपुर। पहली बार मतदान का अधिकार मिलने पर युवा अपने घर के बड़ों से सलाह ले रहे हैं। वहीं संसद सदस्य चुने जाने में अपनी भूमिका को लेकर वह फूले नहीं समा रहे हैं। परिजनों और दोस्तों से मतदान के तौर तरीकों के बारे में राय मसविरा की जा रही है। हालांकि युवा मतदाता अपना वोट ऐसे प्रत्याशी को कत्तई देने के मूड में नहीं हैं, जिनकी सामाजिक छवि खराब हो।
बृहस्पतिवार को केएनपीजी कॉलेज के समीप अमर उजाला से बातचीत में युवाओं ने कहा कि असल मायने में अब उन्हें लोकतंत्र की एक कड़ी होने का आभास हो रहा है। आंकड़ों पर गौर किया जाए तो हर बार मतदान में युवाओं की भूमिका बढ़-चढ़कर रही है। जिला मुख्यालय स्थित सरपतहां निवासी स्नातक के छात्र हरिकिशन शुक्ला ने कहा कि पहली बार मतदाता बनने पर वह घर के बड़ों और अपने इष्ट मित्रों से मतदान की बारीकियों की जानकारी ले रहे हैं। उन्हें खुशी है कि लोकतंत्र के सबसे बड़ पर्व के वह प्रतिभागी बनेंगे। ऐसे में उनकी कोशिश है कि अनुपयुक्त उम्मीदवार को उनका वोट न जाए। सुरियावां के शास्त्री नगर निवासी शुभम कौशल ने कहा कि मतदाता सूची में नाम आने से बेहद उत्साहित हूं। अब तक किसी चुनाव में वोट नहीं किया हूं। पहली बार संसद सदस्यों के भाग्य का फैसला करने में अपनी भूमिका को लेकर खुशी हो रही है। सुरियावां के नेतानगर निवासी सूरजभान ने कहा कि मेरे घर में सभी का वोटर कार्ड बना था। पूर्व के चुनावों में परिजनों संग बूथ पर जाता था, लेकिन वोट नहीं कर पाता था। इस बार खुद वोट करूंगा, इस बात को लेकर बेहद खुशी है। वह ऐसे उम्मीदवार को वोट देंगे, जो जिले में उच्च शिक्षा को बढ़ावा दें। धीरज शुक्ला ने कहा कि मैं अपना पहला वोट एक सजग नागरिक की तरह डालना चाहता हूं। लोकतंत्र का एक जिम्मेदार नागरिक होने का एहसास हो रहा है। देश में ऐसी सरकार चुनकर नए अनुभव की शुरुआत करना चाहता हूं, जो लोकतंत्र की सुरक्षा में पूरी निष्ठा से जुटें।