फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कुतों के हमले में 132 भेड़ों की मौत, आठ घायल

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
ज्ञानपुर। जिला मुख्यालय मार्ग के समीप लखनो गांव में बुधवार रात कुत्तों के हमले से 132 भेड़ों की मौत हो गई, जबकि आठ भेड़ें गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना से परिवार में कोहराम मच गया। खबर मिलने पर एसडीएम अमृता सिंह, तहसीलदार, हलका लेखपाल ने मौके पर जाकर मुआयना किया। मुख्य पशु चिकित्सा विभाग की टीम ने मृत भेड़ों का पोस्टमार्टम किया।
लखनो गांव निवासी झल्लर पाल के पास 210 भेड़ें हैं। वह बुधवार की रात में घर के समीप ही एक अहाते में सभी भेड़ों को रखकर सोने चला गया। बताया जाता है कि रात में ही कई शिकारी कुत्ते अहाते में घुस आए और भेड़ों पर हमला कर दिया। 35 से अधिक भेड़ों को कुत्तों ने काटा , जबकि बड़ी संख्या में भेड़ें भगदड़ और दम घुटने से मर गईं। बृहस्पतिवार सुबह छह बजे जब भेड़ पालक झल्लर अहाते में पहुंचा तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। अहाते के अंदर से छह से सात की संख्या में शिकारी कुत्ते बाहर निकले। अंदर का नजारा काफी वीभत्स था। अहाते के मुख्य गेट पर 50 से अधिक भेड़ें एक के ऊपर एक चढ़कर मर गईं थीं, जबकि अंदर भी बड़ी संख्या में भेड़ें मृत पड़ीं थीं। इस दौरान 132 भेड़ों की मौत हो गई और आठ गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। घटना के बाद परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। देखते ही देखते वहां बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंच गए। मुख्य पशु चिकित्सा विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर मृत भेड़ों का पोस्टमार्टम किया।
विज्ञापन

एसडीएम अमृता सिंह, तहसीलदार सुनील कुमार संग क्षेत्रीय लेखपाल ने मौके पर पहुंचकर मुआयना किया। बताया जाता है कि झल्लर पाल के परिवार का भेड़पालन से ही जीविका चलती थी। एक साथ बड़ी संख्या में भेड़ों के मरने से गरीब परिवार पर मानो पहाड़ टूट पड़ा। भेड़ों के मरने से झल्लर पाल का बड़ा बेटा बालगोविंद रोते-रोते अचेत हो गया। जिला अस्पताल में उसका प्राथमिक उपचार कराया गया। मृत भेड़ों की कीमत पांच लाख से अधिक बताई गई। वहीं दूसरी ओर पोस्टमार्टम के बाद ग्राम प्रधान दीपक कुमार ने सभी मृत भेड़ों को गड्ढे में दफनाया।

परिवार को मिलेगी मदद: एसडीएम
ज्ञानपुर। उप जिलाधिकारी ज्ञानपुर अमृता सिंह ने कहा कि लखनो गांव निवासी भेड़ पालक झल्लर पाल के परिवार को सरकारी मदद दिलाने के लिए रिपोर्ट बनाई गई है। प्रशासन का प्रयास रहेगा कि जल्द ही परिवार को सरकारी मुआवजा मिल जाए। झल्लर की बेटी की शादी के लिए शादी अनुदान का लाभ दिलाया जाएगा।
विज्ञापन


सात फरवरी को बेटी की शादी, चिंता में डूबा परिवार
ज्ञानपुर। लखनो गांव में बुधवार की रात कुत्तों ने भेड़ों पर नहीं बल्कि झल्लर पाल के अरमानों पर ही हमला कर दिया। भेड़ पालन ही उनका मुख्य व्यवसाय था। सात फरवरी को उनकी इकलौती बेटी की शादी है। भेड़ के ऊन या भेड़ बेचकर ही वह बेटी की शादी की तैयारी में लगा था, लेकिन 132 भेड़ों की मौत ने उन्हें और उनके परिवार को झकझोर कर रख दिया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें