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नव वर्ष का भव्य आगाज

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ज्ञानपुर। 12 महीने के खट्टे-मीठे अनुभवों से रूबरू कराने के बाद वर्ष 2018 सोमवार को मुकम्मल हो गया। साथ ही रात्रि 12 बजे से नए वर्ष 2019 का आगाज हो गया। घड़ी की सुइयों ने ज्यों ही रात के 12 बजाए, धमाकेदार जश्न के साथ नए वर्ष का स्वागत किया गया। हर तरफ धूम-धड़ाके और लेट नाइट पार्टी से नव वर्ष का उत्साह लोगों के सिर चढ़कर बोला। जगह-जगह लोग डीजे की धुन पर नाचते-गाते नए साल का स्वागत करते दिखे। कई स्थानों पर युवाओं की टोली ने लिट्टी-पार्टी का आयोजन किया। होटलों और ढाबों में देर रात तक भीड़ रही। आने वाले लोगों के मनमाफरिक मेन्यू होटलों में तैयार कराए गए थे।
कालीन नगरी सोमवार की रात नए साल के जश्न में डूब गई। जिले के होटलों और ढाबों से लेकर तमाम सार्वजनिक स्थलों पर नव वर्ष की पार्टी को धमाकेदार अंदाज में सेलिब्रेट किया गया। भदोही नगर के होटल मेघदूत, ग्लोरी और सेराज में नए साल के जश्न के लिए खास इंतजाम किए गए थे। होटलों को झालर-बिजली की रोशनी से लकदक सजाने के साथ ही न्यू ईयर पार्टी मनाने के लिए आने वाले लोगों की फरमाइश के हिसाब से मेन्यू तैयार कराया गया था। रात्रि आठ बजे से लोगों के पार्टी में पहुंचने का सिलसिला तेज हो गया। तकरीबन डेढ़ से दो घंटे में ही पार्टी शवाब पर आ गई। इस दौरान लोगों ने जमकर नाच-गाना किया और मनपसंद भोजन का लुत्फ उठाया। वाराणसी-प्रयागराज हाईवे पर स्थित ढाबों पर भी नए साल का जश्न मनाया गया। ज्ञानपुर, गोपीगंज, सुरियावां, औराई, महाराजगंज आदि कस्बों में भी नया साल का जश्न लोगों ने डीजे के साथ मनाया। कई स्थानों पर जाम से जाम भी लड़े। हालांकि समाचार दिए जाने तक कहीं से अप्रिय वारदात की सूचना नहीं आई। घड़ी की सुइयों ने जैसे ही रात के 12 बजाए लोग खुशी से झूमने लगे। एक दूसरे को ‘हैप्पी न्यू ईयर’ बोलकर नए साल की मुबारकबाद दी गई। रात 12 बजे से ही मोबाइल के माध्यम से अपने प्रियजनों को नए साल की मुबारकबाद का सिलसिला शुरू हो गया। इसके चलते काफी देर तक नेटवर्क जाम की स्थिति बन गई। न्यू ईयर पार्टी को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
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पहले दिन पिकनिक की तैयारी
साल के पहले दिन को यादगार बनाने के लिए लोगों ने खूब तैयारी की है। कहीं घूमने फिरने का कार्यक्रम बनाया गया है तो कहीं पिकनिक की तैयारी है। पर्यटन स्थली सीतामढ़ी में 50 हजार से अधिक सैलानियों के पहुंचने की उम्मीद है। इसके मद्देनजर तैयारियां की गईं हैं। सीतामढ़ी में पिछले वर्ष के पहले दिन पर्यटन स्थली के मुख्य द्वार से मंदिर तक वाहनों की लंबी कतारें लगीं थीं। पूरे दिन मेले जैसा नजारा बना रहा। इस बार उससे भी अधिक भीड़ का अनुमान लगाया गया है।
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साहित्य और कला जगत ने लिया नई चेतना के संचार का संकल्प
नए साल से साहित्य जगत को ढेरों उम्मीदें
अमर उजाला ब्यूरो
ज्ञानपुर। 2018 में एक के बाद एक रचनाओं के जरिए जनमानस में हलचल पैदा करने वाले भदोही जिले के साहित्य जगत को नए साल 2019 से ढेरों उम्मीदें हैं। हस्तलिखित ग्रंथों के संपादन और पांडुलिपि अन्वेषण में देशभर में ख्याति अर्जित कर चुके उदयशंकर दुबे नए साल में तुलसी साहित्य के उन्नयन को लेकर खासे आशान्वित हैं। कहते हैं कि 2018 में इस विषय पर कई उल्लेखनीय कार्य हुए। अब आने वाले वर्ष में भी कई अन्वेषण कार्य न सिर्फ पूरे होंगे, बल्कि हिंदी साहित्य और इतिहास को नया तोहफा भी देंगे। गौरतलब है कि श्री दुबे से प्राचीन हिंदी के हस्तलेखों के संबंध में आक्सफोर्ड विश्वविद्यालय समेत आधा दर्जन से अधिक विदेशी विश्वविद्यालयों के शोधार्थी मार्गदर्शन ले चुके हैं। लोक कला की प्रमुख विधा कजरी पर गहराई तक काम कर चुके सहसेपुर निवासी डॉ. आदित्य मिश्र ‘बदरीनारायण चौधरी प्रेमघन का साहित्यिक योगदान’ ‘लोकगीत कजली का प्रकाशन’, ‘वैदिक काल में कृषि कार्य’, ‘स्वतंत्रता संग्राम में भदोही का योगदान’ समेत लगभग आधा दर्जन कृतियां 2019 में जनमानस को उद्वेलित करेंगी। औराई क्षेत्र के नुआंव गांव निवासी लोकगीत के चर्चित गायक हजारी दुबे ने भी नए साल में समाज में नई चेतना पैदा करने के लिए संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत, बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और कृषि किसान योजनाओं की जानकारी ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने का संकल्प इस वर्ष लिया है।
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