ज्ञानपुर। नगर और आसपास के बड़े इलाके में शुक्रवार को पूरी रात बिजली गुल रही। लगातार 15 घंटे की लगातार कटौती से लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। शाम पांच बजे गायब हुई बिजली का शनिवार को सुबह साढ़े आठ बजे दर्शन हुआ। लेकिन, इसके बाद गुलगपाड़ा शुरू हो गया। सुबह बिजली न रहने से लोगों को पानी के लिए भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। हैंडपंपों पर पानी के लिए किचकिच होती रही।
शुक्रवार को शाम करीब पांच बजे बारिश शुरू होने के साथ ही ज्ञानपुर नगर के अलावा गोपीगंज, जंगीगंज, घोसिया बाजार समेत आसपास के सौ से अधिक गांवों की बिजली गुल हो गई। झमाझम बारिश लगातार नौ बजे के बाद तक होती रही, लेकिन बिजली के दर्शन पूरी रात नहीं हुए। थोड़ी ही देर में लोगों के इन्वर्टर भी जवाब देने लगे। इससे तमाम लोगों की रात की नींद उड़ गई। बारिश के कारण गर्मी में थोड़ी राहत थी, लेकिन उमस ने पीछा नहीं छोड़ा। घरों में सो रहे लोग बिजली के अभाव में उमस और मच्छरों से जंग करते रहे। तमाम लोगों की पूरी रात जागते हुए गुजरी। बिजली गायब रहने से हजारों की आबादी बारिश के मौसम में घुप अंधेरे में रहने को विवश रही। यही नहीं बिजली की मनमानी कटौती का असर शनिवार को सुबह नगर क्षेत्र की पेयजल आपूर्ति पर पड़ गया। तमाम घरों में पानी नहीं आया। इससे लोगों को पीने के पानी के लिए हैंडपंपों का सहारा लेना पड़ा। जहां पहले मैं के चक्कर में किचकिच होती रही। सुबह साढ़े आठ बजे के आसपास बिजली के दर्शन होने के बाद भी आपूर्ति निर्बाध नहीं रही। प्रत्येक 10 से 15 मिनट में बिजली कटती रही। इससे लोग झेल गए। दोपहर में 12 से दो बजे तक लगातार बिजली कटी रही। इसके बाद शाम चार बजे से सात बजे के बीच तकरीबन छह बार बिजली आई और गई। इसके चलते बिजली से होने वाले तमाम काम बाधित हुए। विभाग इसे बारिश के कारण होने वाली ब्रेकडाउन बताकर पीछा छुड़ाता रहा। एक्सईएन अमर सिंह ने कहा कि भारी बारिश के कारण फॉल्ट से बचने के लिए बिजली कटौती हुई। हालांकि ज्यादातर कटौती मेन लाइन से ही हुई। इस बीच कई बार फॉल्ट को ठीक करने के लिए शटडाउन भी लिया गया। गड़बड़ी ठीक होते ही आपूर्ति बहाल कर दी गई।