भदोही। जनपद में डग्गामार वाहनों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। भदोही -वाराणसी, भदोही-औराई, भदोही-गोपीगंज समेत दूसरे मार्गों पर भी डग्गामार वाहन संचालकों की चांदी है। लोग मजबूरी में इन वाहनों पर जान जोखिम में डाल कर सफर करते हैं। कमाई के चक्कर में न केवल यात्रियों को ठूंस ठूंस कर भरा जाता बल्कि चालक खुद आराम से बैठे बगैर वाहन दौड़ाते हैं। इसी चक्कर में कई दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं लेकिन ऐसे वाहनों के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी है। बीते नवंबर माह में पुलिस प्रशासन द्वारा यातायात जागरूकता माह अभियान चलाया गया। इस दौरान पुलिस ने सैकड़ों वाहनों को सीज किए। सैकड़ों का चालान करने के साथ लाखों रुपये शमन शुल्क के रूप में वसूला लेकिन डग्गामार वाहनों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। उल्लेखनीय है कि भदोही-वाराणसी के बीच डग्गामार वाहनों का संचालन धड़ल्ले से होता है। ट्रेन की व्यवस्था होते हुए भी लोग इसलिए जीप से जाना पसंद करते हैं क्योंकि स्टैंड पर हमेशा उन्हें कोई न कोई सवारी मिल जाती है। जीप में ठूंस ठूंस कर 15 यात्रियों को बैठाया जाता है जबकि चालक सहित केवल 10 लोगों के बैठने की जगह होती है। कमाई का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि खुद चालक अपनी सीट पर नहीं बैठता और एक यात्री बढ़ा लेता है। भदोही-बाबतपुर फोरलेन मार्ग बनने तथा बीच में डिवाइडर नहीं होने से आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। सपा नेता राशिद बेग ने कहा कि पुलिस विभाग की कार्रवाई केवल वाहनों के कागजात, बगैर हेलमेट और बगैर इंश्योरेंस वाले दुपहिया वाहन स्वामियों तक सीमित रह जाता है। परिवहन विभाग की उदासीनता से सड़कों पर दौड़ रहे वाहनों की सुधि लेने वाला कोई नहीं है। लोगों का कहना है कि इसकी रोकथाम होनी चाहिए। जिला प्रशासन से सभी मार्गों पर अवैध वाहनों के संचालन पर रोक लगाने की मांग की है।