औराई (भदोही)। औराई में कोटेदारों से वीआईपी के नाम पर हो रही वसूली का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। शुरुआती कार्रवाई के बाद पूर्ति निरीक्षक और डीएसओ पर बड़ी कार्रवाई की तलवार लटक गई है। प्रकरण में डीएम ने डीएसओ और तीन पूर्ति निरीक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा है।
भ्रष्टाचार को लेकर पीएम और सीएम जहां जीरो टॉलेरेंस की बात करते हैं, वहीं औराई में एक सफेदपोश को खुश करने के लिए कोटेदारों से वीआईपी वसूली का मामला प्रकाश में आया। सतर्कता एवं निगरानी समिति की बैठक में सपा और बसपा की तर्ज पर वीआईपी वसूली की बात उठने के बाद मामले ने जोर पकड़ा। इसमें बताया गया कि कोटेदारों के माध्यम से वसूली की जा रही है। मामला संज्ञान में आने के बाद सांसद वीरेंद्र सिंह के निर्देश पर तीनों तहसीलों के पूर्ति निरीक्षकों को हटा दिया गया। मामला हाईप्रोफाइल होने के कारण प्रशासन भी इस प्रकरण में कोई ढिलाई नहीं बरतना चाहता। जिलाधिकारी विशाख जी ने बताया कि सतर्कता एवं निगरानी समिति की बैठक में यह मामला सामने आने पर तीनों पूर्ति निरीक्षकों को तहसीलों से हटा दिया गया। पूर्ति निरीक्षकों, डीएसओ से प्रकरण में स्पष्टीकरण मांगा गया है। जवाब देने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा। मालूम हो कि प्रकरण सामने आने के बाद सियासी हलके में राजनीतिक गर्मी बढ़ गई है।
मुख्यमंत्री दरबार तक पहुंचा मामला
औराई। पूर्ति विभाग में वीआईपी वसूली का मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दरबार तक पहुंच गया है। औराई विधायक दीनानाथ भाष्कर ने मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र देकर प्रकरण से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि मामले की जांच कराई जाएगी।