चौरी (भदोही)। बिजली आपूर्ति को लेकर शासन का फरमान जिले में बेअसर साबित हो रहा है। अघोषित कटौती से चौरी और साऊपुर उपकेंद्र से जुड़े करीब 200 गांवों में एक सप्ताह से मात्र पांच से छह घंटे ही बिजली मिल रही है। इसको लेकर ग्रामीणों में गहरी नाराजगी है। गर्मी और उमस से बेहाल लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी।
शासन की ओर से ग्रामीण अंचलों में कम से कम 18 घंटे बिजली देने का प्रावधान है लेकिन बिजली विभाग की मनमानी से आपूर्ति बेपटरी हो चुकी है। रात और दिन में करीब 12 से 13 घंटे अघोषित कटौती होने से लोग परेशान हैं। कटौती से एक तरफ जहां लोग भीषण गर्मी से परेशान है, वहीं मच्छरों की भनभनाहट ने नींद हराम कर दी है। रात्रि में बिजली कटौती से उमस और गर्मी में लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। मात्र तीन घंटे बिजली किस्तों में मिल रही है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग सिर्फ नगरों की ओर ध्यान दे रहा है जबकि गांवों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। आरोप है कि जितने समय बिजली दिन में मिलती है, उतनी रात में भी बिजली मयस्सर हो पा रही है। चौरी और साऊपुर उपकेंद्र से जुड़े रोटहा, मानिकपुर, असोगापुर, बहरी, चकभुईंधर, चौरी ख़ास, बरदहा, रबेली, जगदीशपुर, चांदी गहना, लठिया, सवरपुर, सर्बतखानी, दलापुर, गोहिलांव, अर्जुनपुर, धनवतिया, चौरी बाजार, ममहर बाजार, निदुर बाजार, लक्षापुर बाजार, बरवा बाजार समेत 200 गांव प्रभावित हैं। ग्रामीण डबलू शुक्ला, सुरेंद्र मिश्रा, संतोष मिश्रा, छोटेलाल विश्वकर्मा, खुशहाल दुबे, रजनीश चौरसिया, बबलू यादव बिजली विभाग के अधिकारियों को चेतावनी दी कि अविलंब आपूर्ति में सुधार नहीं किया गया तो वह आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।