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90 फीसदी स्कूलों में विद्युतीकरण, 30 में सप्लाई

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ज्ञानपुर। परिषदीय स्कूलों में बच्चों को सहूलियत देने के लिए सरकार की ओर से भले ही तमाम प्रयास हो रहा है, लेकिन विभागीय और प्रशासनिक उदासीनता के चलते बच्चों को उसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। स्कूलों में पंखे, बल्ब आदि जलाने के लिए 90 फीसदी स्कूलों में विद्युतीकरण हुआ, लेकिन आज तक 70 फीसदी स्कूलों में आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। इससे बच्चों को उमस और गर्मी के बीच शिक्षा ग्रहण करनी पड़ रही है। जुलाई से एक बार फिर बच्चों को इसी परेशानी से जूझ़ना पड़ेगा।
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शुरुआती शिक्षा की रीढ़ को मजबूत करने के लिए जिले में एक किमी परिधि के अंदर प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों खोले गए हैं। जिले में तकरीबन 365 पूर्व माध्यमिक जबकि 705 प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं। 2007 से पूर्व करीब 380 स्कूलों में 25 हजार 788 रुपये प्रति स्कूल की दर से विद्युतीकरण पर करीब एक करोड़ रुपये खर्च हुए, जबकि 2007 के बाद 15 हजार प्रति स्कूल की दर से 600 परिषदीय विद्यालयों पर सवा करोड़ रुपये व्यय किए गए। करीब एक दशक से अधिक समय में 90 फीसदी विद्यालयों में विद्युतीकरण किया गया, लेकिन पोल से आपूर्ति को बहाल नहीं किया गया। करीब 700 स्कूलों में कनेक्शन न होने से बल्ब और पंखे सिर्फ शोपीस बने हैं तो 150 विद्यालयों में तार कई स्थानों पर टूट गए हैं। दो करोड़ से अधिक धन खर्च करने के बाद बच्चों को उसका फायदा नहीं मिल पा रहा है। विधानसभा चुनाव 2017 से दो माह पूर्व 94 नए स्कूलों का विद्युतीकरण कराने के लिए पैसा भेजा गया। विद्युतीकरण हो गया, लेकिन कनेक्शन कुछेक स्कूलों में ही जोड़ा गया, जिसके चलते जुलाई में बच्चों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। डीघ के बैरीबीसा, कुरमैचा, सुभाषनगर, अईनछ, ज्ञानपुर के पुरानी देहाती, मोढ़ पुरानी बाजार समेत कई स्कूलों में कनेक्शन न होने से बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रकाश नारायण श्रीवास्तव ने कहा कि ज्यादातर स्कूलों में विद्युतीकरण हो चुका है। कनेक्शन के लिए कई बार बिजली विभाग को पत्र लिखा जा चुका है। बिजली विभाग बकाया दिखाकर उनका कनेक्शन नहीं जोड़ रहा है।
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