जिला उपभोक्ता आयोग ने शुक्रवार को कॉटनयार्न और कारपेट सामग्री के खराब होने का बीमा क्लेम न देने पर नेशनल बीमा कंपनी के प्रधान व भदोही शाखा प्रबंधक पर 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। आयोग ने दो माह के अंदर कालीन उद्यमी को क्षतिपूर्ति की 3,95,822 रुपये छह फीसदी ब्याज के साथ देने का निर्देश दिया।
आयोग ने चेताया कि तय समय में आदेश का अनुपालन न होने पर नौ फीसदी ब्याज के साथ धनराशि भुगतान करना होगा। जिला उपभोक्ता आयोग के रीडर स्वतंत्र रावत ने बताया कि चक सैफ मेन रोड भदोही निवासी कालीन उद्यमी व पंकज टेक्सटाइल्स के प्रोपराइटर पंकज जायसवाल ने 26 अक्तूबर 2023 को नेशनल इंश्योरेंस कंपनी के भदोही और प्रधान प्रबंधक, कोलकाता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
बताया कि उनके कॉटन यार्न पानी में डूबने के कारण 3,95,822 रुपये का नुकसान हुआ था। उन्होंने गोदाम में मौजूद स्टॉक का बीमा कराया था। बीमा 18 अप्रैल 2022 से 17 अप्रैल 2023 तक रही। उन्होंने जिस बीमा को लिया था, उसकी पॉलिसी 50 लाख रुपये तक के स्टॉक के लिए थी। जिसमें प्राकृतिक आपदाओं का अनुबंध भी शामिल था।
18 मार्च 2023 की शाम मूसलाधार बारिश के कारण चारों तरफ पानी भर गया। जिससे पानी की निकासी ठप हो गई और बाढ़ जैसे हालात हो गए। इससे वादी के परिसर में पानी भर जाने से गोदाम में रखा कॉटन यार्न और कारपेट मटेरियल पानी में डूब गया। बीमा कंपनी को उन्होंने 20 मार्च 2023 को लिखित सूचना दी और क्षति की आकलन का निरीक्षण करने का आग्रह किया, लेकिन बीमा कंपनी ने बीमा क्लेम का भुगतान नहीं किया।
इसके बाद आयोग में इसकी शिकायत दर्ज कराई गई। जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष संजय कुमार डे और सदस्य विजय बहादुर सिंह की पीठ ने नेशनल इंश्योरेंस कंपनी पर पीड़ित की सेवा में कमी के कारण 30 हजार का जुर्माना लगाया। वहीं दो माह के अंदर 3,95,822 रुपये छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ देने का निर्देश दिया। चेताया कि आदेश का अनुपालन निर्धारित समय अवधि में नहीं किया जाता है तो समस्त धनराशि आदेश की तिथि से वास्तविक भुगतान की तिथि तक नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ देना होगा।