ज्ञानपुर। पंचायत भवन और स्कूल के उधारी कक्षों में चलने वाले 30 आंगनबाड़ी केंद्रों के खुद के भवन बनेंगे। शासन से हरी झंडी मिलने के बाद ग्राम पंचायतें जमीन के चयन में जुट गईं हैं। लॉकडाउन खत्म होने के बाद विभागीय कवायद शुरू हो गई है।
कुपोषण की रोकथाम में स्वास्थ्य विभाग के साथ आंगनबाड़ी केंद्रों की भूमिका भी अहम होती है। जिले की 561 ग्राम पंचायतों में 1483 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित होते हैं। इनमें दो लाख 24 हजार से अधिक शून्य से पांच वर्ष के बच्चे पढ़ने के लिए जाते हैं। बच्चों के साथ गर्भवती महिलाओं और किशोरियों को भी पोषक तत्व दिया जाता है। आबादी के हिसाब से गांवों में एक से लेकर पांच-पांच आंगनबाड़ी केंद्र तक संचालित हैं। इनमें बड़ी संख्या में केंद्र पंचायत भवन या स्कूल कक्षों में संचालित हैं, जिससे पठन-पाठन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से नए भवनों का प्रस्ताव निदेशालय भेजा गया था। उसकी स्वीकृत मिल चुकी है। एक-एक भवन पर साढ़े सात लाख की दर से करीब दो करोड़ 25 लाख खर्च होगा। जिला कार्यक्रम अधिकारी राजीव कुमार सिंह ने कहा कि लॉकडाउन के कारण तीन माह से कोई कार्य नहीं हो सका। अनलॉक होने पर सभी कार्य शुरू कराए जा रहे हैं। ग्राम पंचायतों के सहयोग से जमीन का चयन किया जा रहा है।
इन गांव में बनेंगे भवन
ज्ञानपुर। भदोही ब्लॉक के डोमनपुर, हरियावं, चकभूईधर, जगरनाथपुर, रामरायपुर, माधोरामपुर, कंधिया और इस्मैला, औराई ब्लॉक में राजस्व गांव जड़ऊपुर, बसंतापुर, ठेगीपुर, दुखरनपुर, पूरेगुलाम, रामपुर, चकनिरंजन, सारीपुर, पर्वतपुर, दलपतपुर, अभोली ब्लॉक में गोविंदपट्टी, डीघ के शिवसेवकपट्टी, दरवांसी, कौलापुर, फुलवरिया, सोनइचा, सुरियावां में ठठरा, हरीपट्टी, छतरीपुर, कस्तूरीपुर और चकबनवारी शामिल हैं।