ज्ञानपुर। कोरोना वायरस के कारण बोर्ड परीक्षा पर छाए असमंजस के बादल शनिवार को छट गए। डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा के निर्णय से जिले में हाईस्कूल के 28 हजार छात्र-छात्राएं जहां प्रमोट होंगे। वहीं इंटर के 24 हजार को जुलाई में संभावित परीक्षा में शामिल होना पड़ेगा। शासन के निर्णय से अभिभावक से लेकर छात्र-छात्राओं की गतिविधियां बढ़ गई हैं।
जिले में बोर्ड परीक्षा की तैयारी वैसे नवंबर- दिसंबर से ही चल रही है। जनवरी में परीक्षा केंद्र, छात्र-छात्राओं की संख्या, परीक्षा केंद्रों की संख्या, कक्ष निरीक्षक, केंद्र व्यवस्थापक आदि तय हो गए, लेकिन पहले पंचायत चुनाव और उसके बाद कोरोना वायरस के कारण परीक्षा लगातार टल रही थी। जिसको लेकर छात्र-छात्राओं संग अभिभावकों की चिंता बढ़ गई। शनिवार को डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा ने हाईस्कूल की परीक्षा निरस्त करने का आदेश जारी कर दिया, जबकि इंटरमीडिएट की परीक्षा जुलाई में कोरोना वायरस की स्थिति देखते हुए कराने का निर्णय लिया है। अगर संक्रमण की रफ्तार थम गई तो जुलाई में इंटर की परीक्षा कराई जाएगी।
हाईस्कूल की परीक्षा निरस्त होने से जिले के 28 हजार 364 छात्र-छात्राएं प्रमोट होंगे। जबकि इंटरमीडिएट के 24 हजार से अधिक को परीक्षा में शामिल होना पड़ेगा। प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक नंदलाल गुप्ता ने कहा कि अभी विभाग को आदेश नहीं मिला है। शासन से आदेश आने पर आगे की कार्रवाई होगी। हाईस्कूल के छात्र अक्षय कुमार यादव ने कहा कि कोरोना वायरस के कारण स्कूल नहीं चल सके। जिसके कारण पढ़ाई नहीं हो सकी। परीक्षा निरस्त कर प्रमोट करने का निर्णय सही है। छात्रा पुष्पा प्रजापति ने भी सरकार के निर्णय का स्वागत किया। छात्र सुजीत कुमार ने कहा कि पंचायत चुनाव के पूर्व परीक्षा करानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पढ़ाई न होने से परीक्षा निरस्त करने का निर्णय ही बेहतर है। अभिभावक सोनू ने कहा कि कोरोना काल में पढ़ाई न होने से छात्र-छात्राएं चिंतित थे। सरकार का निर्णय सराहनीय है।