ज्ञानपुर। लगभग दो सप्ताह से पीपों की कमी के कारण अधर में लटक चुके गंगा घाट रामपुर और डेंगुरपुर पीपा पुल को पूरा कराने के लिए लोक निर्माण विभाग सक्रिय हो गया है। विभागीय स्तर पर लिखापढ़ी के बाद प्रयागराज लोक निर्माण खण्ड ने 27 पीपे देने की स्वीकृति दी है। लगभग तीन माह से दोनों घाटों से लोग नि:शुल्क स्टीमर का लाभ उठाकर गंगा पार कर रहे थे। नवंबर से स्टीमर का टेंडर समाप्त कर पीपा पुल निर्माण में तेजी दिखाई गई थी। कार्यदायी संस्थाओं को जिम्मेदारी मिलते ही कार्य शुरु हुआ। लेकिन रामपुर में 25 और डेंगुरपुर में दो पीपे की कमी से पुल को एक-दूसरे छोर को मिलाने के लिए समस्या खड़ी हो गई। यात्री रामअधार ने बताया कि दिन में किसी तरह नाव से गंगा को पार करना तो ठीक हैं लेकिन शाम होने पर यह जोखिम भरा हो जाता है। मनोज कुमार, आरबी यादव, कृष्णकुमार ने बताया कि दोनों समुदायों में एक साथ सहालग शुरु होने पर यह कयास लगाया जा रहा था कि गंगा पार के तटवर्ती गांवों समेत मिर्जापुर, प्रयागराज, सोनभद्र, लालगंज, पड़री पहुंचने के लिए पीपा पुल राह को आसान करेंगे। लेकिन ऐसा नहीं हो सका। अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग एसबी राव ने बताया कि प्रयागराज खण्ड से 27 पीपे की मांग करने पर स्वीकृति मिल गई है। रविवार तक पीपों को पुलों तक पहुंचा दिया जाएगा। दिसंबर के प्रथम सप्ताह में पुलों के चालू हो जाने की संभावना है।