ज्ञानपुर। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय फास्ट ट्रैक कोर्ट की अदालत ने कथावाचक पर जानलेवा हमले के आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। एक आरोपी ने 28 नवंबर को खुद के विवाह को लेकर अर्जी दी थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार, पांच नवंबर की रात में ज्ञानपुर से सटे रामकापुरा गांव में जमीन के विवाद में मारपीट हो गइ थी। इसमें कथावाचक संतोष उपाध्याय, शुभम उपाध्याय और आशीष उपाध्याय सहित सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना में शामिल सुनील और योगेश को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, लेकिन पांच अन्य आरोपी अभी तक पुलिस की पकड़ से दूर हैं। आरोपी उदेश कुमार ने 28 नवंबर को शादी का हवाला देते हुए कोर्ट में अग्रिम जमागनत के लिए अर्जी दी थी। अन्य आरोपियों ने भी अग्रिम जमानत के लिए गुहार लगाते हुए अपने अधिवक्ता के माध्यम से तर्क दिया था कि जमीन विवाद में झगड़ा हुआ और मारापीटा गया। शासकीय अधिवक्ता पंकज तिवारी ने तर्क दिया कि मामले में सभी घायलों को धारदार हथियार से घायल किया गया। जिसमें एक घायल जीवन और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है। ऐसे में आरोपियों को अग्रिम जमानत नहीं दी जानी चाहिए। दोनो पक्ष के तर्क सुनने के बाद न्यायाधीश आलोक यादव की अदालत ने उदेश उर्फ गुन्नू, दुर्गेश, सुनील कुमार, नागेश और बालेश उपाध्याय की अग्रिम जमानत याचिका निरस्त कर दी।