ज्ञानपुर। कंसापुर में बने मान्यवर कांशीराम शहरी आवास का शनिवार को अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र मिश्र के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान 369 आवासों की जांच की गई। जिसमें 263 आवास बंद मिले जबकि 27 फ्लैट किराए पर दिया गया था। पांच बिंदुओं पर प्रशासन आवास आवंटन की जांच कर रहा है।
बसपा सरकार में शहरी गरीबों को आवास मुहैया कराने के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने मान्यवर कांशीराम शहरी निर्बल आवास योजना को लागू किया था। उस दौरान ज्ञानपुर नगर के कंसापुर क्षेत्र में करीब 29 करोड़ की लागत से 1500 आवास बनाए गए। इसमें घोसिया, खमरिया, भदोही, सुरियावां नगर पंचायत से शहरी गरीबों का चयन कर आवास का आवंटन कर दिया गया, हालांकि बाद में कुछ आवंटी आवास को किराये पर देकर अन्य घर चले गए और हर महीने किराया लेने के लिए आने लगे। पिछले दिनों कुछ आवंटियों ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर क्षेत्र में अवैध एवं आपराधिक किस्म के लोगों के रहने की आशंका जताई थी। जिसको संज्ञान में लेते हुए डीएम आर्यका अखौरी ने एडीएम के नेतृत्व में सत्यापन करने का निर्देश दिया। शनिवार को एडीएम शैलेंद्र मिश्र के नेतृत्व में ज्ञानपुर तहसीलदार देवेंद्र यादव, जेई आबिद अली, ईओ ज्ञानपुर आलोक रंजन, डूडा प्रबंधक, एसओ ज्ञानपुर संग दो कानूनगो आवास का सत्यापन करने के लिए पहुंचे। पहले दिन 369 फ्लैट की जांच की गई, जिसमें 263 बंद मिले और 27 को किराये पर दिया गया था। एडीएम शैलेंद्र मिश्र ने बताया कि प्रशासन पांच बिंदुओं पर आवासों का सत्यापन कर रहा है। यह तीन से चार दिनों तक अभियान चलेगा। महीने में राशन लेने वाले लोगों को चिह्नित करना, किराये पर आवास देने वालों को, संदिग्ध लोगों का सत्यापन होगा। सभी आवासों की जांच पूर्ण होने पर विभागीय स्तर से कार्रवाई की जाएगी।