रोडवेज परिसर में बस पर चड़ता यात्रियों का भीड़, स्रोत संवाद
रक्षाबंधन पर बहनों ने रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा का जमकर लाभ उठाया। मिर्जापुर रोडवेज डिपो से 36 घंटे में 25,288 बहनों और उनके सहयोगियों ने निशुल्क सफर किया। बसों में यात्रियों की भारी भीड़ के चलते चढ़ने के लिए धक्का-मुक्की तक करनी पड़ी।
रोडवेज मिर्जापुर डिपो प्रभारी विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि डिपो में कुल 95 बसें हैं। 27 अगस्त की सुबह छह बजे से रात 12 बजे तक 11672 बहनों और सहयोगियों ने निशुल्क यात्रा की। वहीं 28 अगस्त की सुबह से शाम छह बजे तक 13616 यात्रियों ने सफर किया। इस तरह 36 घंटे में यात्रियों की संख्या बढ़कर 25288 हो गई। यह नि:शुल्क यात्रा 29 अगस्त की रात तक रहेगा। रक्षाबंधन के दिन सुबह से ही रोडवेज बस अड्डे पर यात्रियों की भीड़ लगी रही। भीड़ अधिक होने पर बसों में चढ़ने के दौरान धक्का-मुक्की भी हुई। कई यात्री खिड़की से सामान अंदर डालकर सीट घेरते नजर आए। रक्षाबंधन पर यात्रियों की संख्या बढ़ने के कारण बसों के फेरे बढ़ाए गए। डिपो प्रभारी ने बताया कि सबसे अधिक यात्री सोनभद्र और घोरावल रूट पर रहे। इसके अलावा प्रयागराज, वाराणसी, चुनार और अन्य स्थानीय रूटों पर भी यात्रियों की आवाजाही बढ़ी रही।
रास्ते में नहीं रुक रही थीं बसें
मिर्जापुर। रक्षाबंधन पर निशुल्क सेवा के चलते हालत ये था कि रोडवेज बसें रास्ते में नहीं रुक रही थीं। गंतव्य से चलने के बाद सीधे दूसरे स्थान पर रुक रही थी। बीच में कहीं पर नहीं रुक रही थी। बसाें में पैर रखने की जगह नहीं थी। प्रयागराज से चलने वाली बस सीधे आकर मिर्जापुर रुक रही थी। बसों में भीड़ इतनी अधिक थी कि बस रास्तो में नहीं रुक रही थी। यही हाल अन्य रुटों का भी रहा। निशुल्क यात्रा के चलते महिलाएं अधिक थी। इस कारण पुरुषों को बसो में चढ़ने में समस्या हो रही थी। पुरुष चढ़ते समय महिला से टकराते तो विवाद हो जा रहा था। इस कारण कई पुरुष तो खिड़की से ही सामान सीट पर रखकर कब्जा कर रहे थे।