ज्ञानपुर। कोरोना वायरस महामारी के बीच चुपके से घर आए करीब ढाई हजार प्रवासी आसपास के लोगों के लिए खतरा बनते जा रहे हैं। कोई घर से बाहर नहीं निकल रहा। उनके घर वाले भी महामारी से बचने में सहयोग नहीं कर रहे, जिससे गांव और मोहल्ले के लोग सहम गए हैं।
कोविड-19 के कारण जिला 42 दिनों से लॉकडाउन है। दो चरणों में राहत नहीं मिली, लेकिन तीसरे चरण में गृह मंत्रालय की ओर से राहत मिलने पर बड़ी संख्या में लोग मुंबई, सूरत, अहमदाबाद, दिल्ली समेत अन्य प्रांतों से ट्रेन, दुपहिया, साइकिल, चार पहिया से घर आ रहे हैं। कुछ लोग अस्पतालों में पहुंचकर अपना स्वास्थ्य परीक्षण करा रहे, लेकिन बड़ी संख्या में लोग गुपचुप तरीके से घर में ही बैठे हैं। जानकारी होने पर आसपास के लोगों की चिंता बढ़ जा रही है, लेकिन परदेसी अपनी चिकित्सकीय जांच के लिए अस्पताल नहीं जा रहे हैं।
ज्ञानपुर नगर के वार्ड संख्या नौ पुरानी देहाती में आधा दर्जन लोगों के चुपके से घर आने की सूचना मिलने के बाद मोहल्ले के लोग सहम गए। करीब-करीब हर गांव में चार से पांच ऐसे लोग हैं जो आने के बाद स्क्रीनिंग कराने अस्पताल नहीं गए। अभोली के ग्राम प्रधान जगदंबा शुक्ला ने कहा कि चार दिन पूर्व उनके गांव में पांच लोग मुंबई से आए। कंट्रोल रूम और सीएमओ से शिकायत की। सीएचसी सुरियावां और गोपीगंज एक दूसरे का क्षेत्र बताकर अब तक नहीं पहुंची। स्क्रीनिंग के लिए गठित टीम के न पहुंचने से गांव वाले परेशान हैं।