अपनी समस्याओं को लेकर मंडलायुक्त और डीआईजी का घेराव करना मंगलवार को विभिन्न गांवों के सैकड़ों लोगों को भारी पड़ गया। पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के आरोप में 39 नामजद समेत 250 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया। कमिश्नर और डीआईजी तहसील दिवस की सुनवाई में औराई आए थे।
मंगलवार को तहसील दिवस का आयोजन औराई तहसील के सभागार में किया गया था। वहां जिलाधिकारी प्रकाश बिंदु और पुलिस कप्तान डॉ. अरविंद भूषण पांडेय जनसमस्याएं सुन रहे थे। इस दौरान ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं के समाधान की गुहार जिलाधिकारी और पुलिस कप्तान से लगाई। इस पर डीएम ने उनकी समस्याओं के शीघ्र निराकरण का आश्वासन दिया। इसी बीच विंध्याचल के मंडलायुक्त रंजन कुमार और डीआईजी रतन श्रीवास्तव भी मौके पर पहुंच गए और तहसील दिवस की कार्यवाही में शामिल हो गए। कमिश्नर और डीआईजी के पहुंचने की खबर मिलते ही कई गांवों के ग्रामीण पहुंच गए और दोनों अधिकारियों का घेराव कर लिया। आरोप है कि लोगों ने बारी-बारी से अधिकारियों के सामने कोटे, नाली और जमीन की समस्याओं को लेकर हंगामा किया। इसमें निजामपुर, दल्लूपुर समेत कई गांवों के लोग शामिल थे। इससे नाराज औराई थाने की पुलिस ने लोक सेवा कार्य में बाधा पहुंचाने और कर्मचारियों को धमकाने आदि आरोपों में निजामपुर की ग्राम प्रधान अर्चना पटेल समेत 26 महिला और 13 नामजद पुरुषों के खिलाफ केस दर्ज किया। इसके अलावा दो सौ से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया। पुलिस कप्तान डॉ. अरविंद भूषण पांडेय ने कहा कि सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के मामले में कार्रवाई की गई है।