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250 क्विंटल आया ढैंचा, 50 फीसदी अनुदान पर मिलेगा

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ज्ञानपुर। हरी खाद की खेती लगभग चार सौ हेक्टेयर में होगी। कृषि विभाग के ब्लाक गोदामों में लगभग ढाई सौ क्विंटल ढैंचा का बीज पहुंच चुका है। किसानों को 50 फीसदी अनुदान पर प्रति किलोग्राम 54.65 रुपये की दर से बीज का वितरण भी भी शुरू करा दिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि हरी खाद से क्षारीय और लवणीय भूमि में व्यापक सुधार होता ही है उत्पादन, मृदा शक्ति को मजबूत रखा जा सकता है। गेहूं फसल की कटाई-मड़ाई भी अब अंतिम चरण में होने से किसान धान की नर्सरी डालने की तैयारी कर रहे हैं। यहां तक कि 40 फीसदी किसान खाली हो चुके खेतों का पलेवा कर हरी खाद के रूप में सनई, लोबिया, उर्द, मूंद, ग्वार, नील की बुआई कर ली है। 60 फीसदी किसानों को ढैंचा बीज कृषि गोदामों में आने का इंतजार था। उप निदेशक कृषि एके सिंह ने बताया कि हरी खाद के लिए ढैंचा का लगभग ढाई सौ क्विंटल बीज प्राप्त होने पर ब्लाक गोदाम डीघ, सुरियावां, अभोली, भदोही, औराई, ज्ञानपुर को उपलब्ध कराया जा चुका है। 54.65 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदारी कर किसान 50 फीसदी अनुदान का लाभ उठाएंगे। प्रति बीघे 15 किलो ग्राम डालें बीज, नमी में करे पलटवार कृषि विशेषज्ञ डॉ. आरपी चौधरी ने बताया कि धान फसल में अधिक उत्पादन लेने के लिए किसान प्रति बीघे 15 किलोग्राम ढैंचा बीज की बुआई करें। फूल और फल लेने से पहले खेतों में नमी रहने पर पलटवार कर देना चाहिए। ऐसा करने से खेत की भौतिक संरचना में सुधार होता ही है उर्वरता और एवं उत्पादकता में वृद्धि, जल धारण, संचयन, वायु संचार क्षमता में वृद्धि, खरपतवार नियंत्रण में सुविधा, रोग एवं कीटों के प्रकोप में कमी आएगी।
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