फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

24 घंटे गुल रही बिजली

विज्ञापन
विज्ञापन
भदोही। नगर के कारपेट सिटी और इंदिरा मिल फीडर की बिजली आपूर्ति लगभग 24 घंटे ठप रही। इससे भीषण गर्मी और उमस के बीच आम जनजीवन बेहाल हो गया। नगर से लेकर गांवों तक लोग पेयजल के लिए भी परेशान हुए। शनिवार रात में गुल हुई बिजली रविवार को रात्रि नौ बजे के बाद बहाल हुई।
विज्ञापन

कस्बे की बिजली आपूर्ति व्यवस्था कई समस्याओं से घिर गई है। इन समस्याओं का स्थायी समाधान न हो पाने से बार-बार आपूर्ति लड़खड़ा जाती है। समस्याओं के निदान के लिए जनप्रतिनिधि अथवा प्रशासनिक स्तर से कारगर पहल नहीं किए जाने से उपभोक्ताओं की मुश्किलेें बढ़ गईं हैं। गत शुक्रवार को भदोही फीडर की ट्यूनिंग और टेस्टिंग के चक्कर में पूरे दिन लगभग आठ घंटे आपूर्ति ठप रही। शनिवार रात से कारपेट सिटी और इंदिरा मिल फीडरों की बिजली लगभग 24 घंटे ठप रही। इससे शहरी और ग्रामीण जनजीवन प्रभावित रहा।
शनिवार की रात नौ बजे जब भीषण गर्मी और उमस के बीच सोने की तैयारी कर रहे थे, तभी एकाएक बिजली गुल हो गई। लोगों को इल्म नहीं था कि बिजली 24 घंटे के बाद आएगी। लोग रात भर बिजली की राह ताकते रहे। इससे इंदिरा मिल, नईबाजार से लेकर कारपेट सिटी से जुड़े सैकड़ों गांवों के अलावा आधे शहर की आबादी प्रभावित रही। हालांकि इस दौरान भदोही टाऊन फीडर, जिसकी शुक्रवार को ट्यूनिंग और सेटिंग की गई थी, उसकी बिजली प्रभावित नहीं हुई। रविवार को सुबह हुई और फिर शाम भी हो गई, लेकिन बिजली बहाल नहीं हो सकी थी। धौरहरा, नईबाजार, बंधवा, मर्यादपट्टी, कारपेट सिटी, इंदिरा मिल, बाजार सरदार खां, गौरियाना, अंबर नीम, मालिकाना, चौरी रोड, घमहापुर, पचभैया, जमुंद, नूरखांपुर, बाजार सलाबत खां, जमुनीपुर कालोनी, नईबाजार के ग्रामीण इलाकों के लोगों को लगभग 24 घंटे बाद रात्रि नौ बजे बिजली मिल सकी। हालांकि मामदेवपुर जहां खराबी थी, वहां दो दर्जन से अधिक कर्मी काम कर रहे थे और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद थे। इस बाबत एक्सईएन राम कुमार ने कहा कि मामदेवपुर में किसी ट्रक ने हमारे केबलों को तहस नहस कर दिया। इससे यह स्थिति सामने आई। सूचना मिलते ही मौके पर कर्मियों को भेज दिया गया था, लेकिन उसे ठीक करने में काफी समय लग गया।
विज्ञापन

कई मोहल्लों में हैंडपंपों पर लगी रही भीड़
पिछले 24 घंटे से बिजली नहीं मिलने से विभिन्न मोहल्लों में पेयजल की समस्या खड़ी हो गई। लोगों को मुख्यत: निजी सबमर्सिबल पंपों या अपने मोहल्ले के हैंडपंपों का सहारा लेना पड़ा। शहर से लेकर गांव तक लोग पेयजल के लिए भटकते रहे। कहीं लोग जेनरेटर की सहायता से निजी पंप से पानी दे रहे थे तो कहीं हैंडपंपं पर भारी भीड़ लगी रही। शहरी क्षेत्र के पंचभैय्या, चौरी रोड, बाजार सरदार खां, जमुंद, बंधवा, मर्यादपट्टी, गौरियाना आदि मोहल्लों में जहां अधिसंख्य हैंडपंप खराब चल रहे हैं तो कुछ सही हैंडपंपों पर पानी लेने के लिए लोगों की लाईन लगी रही। ग्रामीण क्षेत्रों में पानी लेने के लिए तूतू-मैंमैं भी होती रही।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें