ज्ञानपुर। धन के अभाव में जिले में लगभग 234 किलोमीटर नहरों के सिल्ट सफाई का कार्य अधर में लटकने की आशंका जताई जा रही है। किसानों की माने तो नहर की सफाई नहीं होने से रबी फसल सत्र 2022-23 में सिंचाई का काम प्रभावित होना तय है। शासन ने 42 लाख रुपये से 398 किलोमीटर नहर के सिल्ट सफाई की स्वीकृति दी थी। जबकि नहर विभाग अब तक 36 लाख खर्च कर सिर्फ 89 किलोमीटर नहर की ही सफाई करा सका है। ऐसे में बाकी बची नहरों के सिल्ट की सफाई में कैसे होगी, इसे लेकर अफसर पशोपेश में हैं।
जिले के लभगग सवा दो लाख लघु एवं सीमांत किसान 11 हजार निजी, 520 राजकीय नलकूप, 398.5 किलोमीटर नहर, राजवाहा, माइनर से सिंचाई कार्य करते हैं। 75 किलोमीटर की मुख्य नहर, 323 किलोमीटर राजवाहा और माइनरों में सिल्ट की सफाई प्रतिवर्ष प्रभावित होती है। सिंचाई के दौरान मुख्य पंप कैनाल का पानी चार जनपद वाराणसी, मिर्जापुर, जौनपुर और भदोही के टेल तक पहुंचने से पहले नहर, राजवाहा, माइनर की बंधिया बीच रास्ते में टूटती हैं। किसान चंद्रशेखर दुबे, जिलाजीत बिंद, दाराचंद, प्रमेंद्र कुमार, नारायण यादव, शिवपूजन सिंह ने बताया कि विभागीय कार्य योजनाएं लाखों का आंकड़ा पार करती हैं। शासन सीमित मात्रा में कार्य योजनाओं को संतृप्त करने के लिए योजनाओं को हरी झंडी देता है। कहा कि सिंचाई बंधु, जिला योजना की बैठकों में लगने वाली मुहर पर 50 फीसदी तक स्वीकृति दिलाई जाए तो किसानों को सिंचाई व्यवस्था में परेशानी नहीं झेलनी पड़ेंगी।
अधिशासी अभियंता नहर प्रखंड पुष्पेंद्र सिंह ने कहा कि वार्षिक बजट का लक्ष्य एक करोड़ निर्धारित होने पर सिल्ट सफाई का कार्य संतृप्त हो सकेंगे। रबी फसल सत्र 2022-23 में मात्र 42 लाख के कार्य को एक सप्ताह में पूर्ण भी कर लिया जाएगा। शेष 234 किलोमीटर तक की सिल्ट सफाई आगामी वर्ष से संतृप्त कराने के लिए मंडल प्रशासन को पत्र भेजा जाएगा।
कार्यदायी संस्थाओं का भुगतान रोकने की मांग
ऊंज। चौराकला माइनर से सिंचाई कार्य करने वाले किसानों ने जिलाधिकारी गौरांग राठी से सिल्ट सफाई में मात्र औपचारिकता निभाने वाली कार्यदायी संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई और भुगतान पर रोक लगाने की मांग की है। किसान मुन्नीलाल बिन्द, राजबली बिन्द, डॉ. घनश्याम बिन्द, मंगरूराम आदि ने बताया कि डीघ और ज्ञानपुर ब्लाक अंतर्गत आने वाले लगभग 100 गांवों के किसान चौराकला माइनर में रोस्टर पर छूटने वाले पानी से सिंचाई करते हैं। सिल्ट की सफाई बीच-बीच में छोड़ देने के कारण पुरानी व्यवस्था से सामना करना पड़ सकता है। नहर विभाग से हुई शिकायत पर अभी तक न माइनर की पूरी सफाई नहीं कराई गई है। सिंचाई कार्य में व्यवधान आने पर क्षेत्र के किसान विरोध-प्रदर्शन के लिए विवश होंगे।