सीतामढ़ी। अयोध्या में श्री राम जन्म भूमि पर रामलला के भव्य मंदिर निर्माण के लिए छह दिसंबर को अयोध्या में आत्मदाह का एलान कर चुके अयोध्या तपस्वीजी की छावनी के महंत परमहंस जी महराज शुक्रवार को सीतामढ़ी पहुंचे। उन्होंने कहा कि अयोध्या में भगवान राम मंदिर का निर्माण भाजपा की राजनीति और विहिप, आरएसएस की कूटनीति के पचड़े में फंस गया है।
परमहंसजी जी महराज ने कहा कि वह मां सीता समाहित स्थली सीतामढ़ी में माता सीता का आशीर्वाद लेने के लिए आए हैं। प्रभु श्रीराम से जुड़े किसी कार्य के लिए माता का आशीर्वाद जरूरी है। उन्होंने पतित पावनी मां गंगा का विधिवत पूजन अर्चन सकी। इसके बाद महर्षि वाल्मीकि आश्रम मंदिर प्रांगण में लोगों को संबोधित किया। कहा कि श्री राम के किसी भी कार्य को सफल करने के लिए माता सीता का आशीर्वाद नितांत आवश्यक है। अयोध्या में चिता पर चढ़ने से पूर्व सीता समाहित स्थल की मिट्टी माथे पर लगाऊंगा। कहा, शायद मेरे मरने से ही भाजपा को सदबुद्धि आ जाए। अयोध्या में धर्म संसद सभा बीजेपी का प्रायोजित कार्यक्रम था, जिसमें विहिप ने संतो को आगे कर 2019 का चुनाव प्रचार कराया। भाजपा हिंदुओं को धोखा दे रही है। सरकार जब ट्रिपल तलाक और एससीएसटी एक्ट पर कानून बना सकती है तो श्री राम लला के मंदिर के लिए क्यों नहीं बना रही है। कहा जब कोर्ट के निर्णय से ही श्री राम मंदिर बनना है तो भाजपा श्री राम के नाम पर वोट की राजनीति क्यों करती है। कहा कि अधिसंख्य मुसलमान श्री राम मंदिर निर्माण के पक्ष में हैं। कहा कि सरकार किसी भी दशा में श्री राम मंदिर का निर्माण कराए। कहा भगवान हनुमान जी को किसी एक जाति से जोड़ना योगी जी की भूल है उन्हें इसके लिए माफी मांगनी चाहिए। इस मौके पर राहुल दूबे, महंत पं. हरिप्रसाद शास्त्री, रामकृष्ण मिश्रा, आनंद दूबे, विमल मिश्रा, दुर्गेश तिवारी आदि रहे।