ज्ञानपुर। काशी नेरश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में सोमवार को दो दिवसीय पर्यावरण कुुंभ चित्रकला प्रदर्शनी का आगाज हुआ। पहले दिन तमाम छात्र-छात्राओं ने एक से बढ़कर आकर्षक कलाकृतियों को प्रदर्शनी में प्रस्तुत किया।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रदीप नारायण डोंगरे ने चित्रकला प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के दूरगामी प्रभावों को छात्र-छात्राओं ने कलाकृतियों में उकेरा है। यह कार्यक्रम पर्यावरण चेतना को विकसित करने में सहायक होगा। दर्शनशास्त्र के विभागाध्यक्ष डॉ. किशोरी लाल ने कहा कि ऐसे आयोजनों से लोगों में जागरूकता बढ़ती है। प्रदर्शनी में 58 कलाकारों ने हिस्सा लिया। जिनमें 40 कलाकृतियां प्रदर्शनी के लिए चयनित हुईं। 10 कलाकारों का सर्वश्रेष्ठ कलाकृति के लिए चयन हुआ। इनमें श्रेया मालवीय की भागीरथ गंगा, शशिलता की प्रदूषण बढ़ने के लिए गिद्ध का खात्मा, खूशबू के सौंदर्य एवं दूषित पर्यावरण, श्रेयांशी श्रीवास्तव के स्वच्छता एवं गांधी जी का संदेश, कमलेश कुमार भारती ने बढ़ते प्रदूषण के कारण, सोनम मार्य ने जल ही जीवन है, श्रद्धा पांडेय ने पॉलिथीन के प्रति जागरूकता, सुलेखा ने औद्योगिकरण का दुष्प्रभाव, नम्रता प्रजापति ने पर्यावरण के दुष्प्रभाव के उपाय और तनु मौर्य के पर्यावरण का हमारे जीवन में महत्व कलाकृतियां सर्वश्रेष्ठ रहीं। इसी तरह दीपक पटेल, अभिषेक कुमार, काजल रावत, राजन, योगेश कुमार, गायत्री, विजेंद्र और नंदनी की कलाकृतियां आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। प्रदर्शनी में डॉ. घनश्याम मिश्रा, महेंद्र, आलोक, प्रतीक, अजय सिंह, डॉ. रोशन प्रसाद, अजय सोनकर आदि मौजूद रहे।