ज्ञानपुर। जिसका डर था वही हुआ। किसानों से खरीद कर क्रय केंद्रों से लेकर राइस मिलों तक खुले में रखा गया हजारों क्विंटल धान खतरे में पड़ गया है। दो दिन की बारिश के दौरान तिरपाल और पॉलीथिन से जैसे-तैसे ढंक कर कुछ धान को बचाने का प्रयास किया गया, लेकिन धान की सैकड़ों बोरियां बारिश में भींग गईं। अब इस अनाज के बरबाद होने के आसार बन गए हैं। अमर उजाला ने पहले ही इस आशंका को लेकर आगाह किया था। मंगलवार की शाम निरीक्षण के दौरान खाद्य विपणन अधिकारी ने मिलों पर धान के रखरखाव में लापरवाही को लेकर चार मिलों को नोटिस जारी किया। जिले में चावल भंडारण की समस्या विकराल हो गई है। इसके चलते क्रय केंद्रों से लेकर राइस मिलों तक हजारों क्विंटल धान खुले आसमान के नीचे डंप पड़ गया है। राइस मिलों पर 17020 मीट्रिक टन (एमटी) और क्रय केंद्रों पर 492 एमटी मिलाकर कुल 17512 एमटी धान खुले आसमान के नीचे पड़ा है। राइस मिलों में चावल डंप पड़ा है तो बाहर हजारों क्विंटल धान। इससे राइस मिल धान की दराई नहीं कर पा रहे हैं। एफसीआई के हरियांव डिपो की भंडारण क्षमता पूरी हो गई है। अफसोस कि 7500 एमटी क्षमता वाले डिपो की क्षमता को 2500 एमटी बढ़ाने का प्रशासनिक प्रयास बारिश आने से पूर्व पूरा नहीं हो सका। लिहाजा सोमवार और मंगलवार को हुई बारिश में भारी मात्रा में धान भीगकर खराब हो गया। एक अनुमान के मुताबिक लगभग एक हजार एमटी धान को भीगने से नहीं बचाया जा सका। विभागीय अधिकारियों ने बुधवार को हरियांव डिपो की क्षमता 2500 एमटी बढ़ जाने का दावा किया। गौरतलब है कि धान की खरीद 28 फरवरी तक होनी है, लेकिन अब तक लक्ष्य का 63 फीसदी ही खरीद हो सकी है। जबकि धान क्रय केंद्रों, डिपो और राइस मिलों में धान और चावल की हजारों बोरियां खुले आसमान के नीचे पड़ी हैं। जिले के ज्यादातर क्रय केंद्रों पर धान खरीद नहीं हो रही है। इसके चलते धान खरीद का लक्ष्य पूरा हो पाना मुश्किल हो गया है। भंडारण की समस्या के चलते अधिकतर क्रय केंद्र धान की खरीद नहीं कर पा रहे हैं। इससे किसान परेशान हैं। अब तक मिलों में तैयार लगभग 45 फीसदी चावल का ही उठान हो सका है। 55 फीसदी चावल की उठान नहीं होने से मिलों में धान रखने की भी जगह नहीं बची है। इससे मिलर धान का उठान नहीं कर रहे हैं। धान की दराई के लिए चयनित 21 राइस मिलें क्रय केंद्रों से धान का उठान नहीं कर रही हैं। मिलों में डंप चावल और धान का समुचित रखरखाव भी नहीं है। बारिश के बाद मंगलवार की शाम जिला खाद्य विपणन अधिकारी श्याम कुमार मिश्रा ने ज्ञानपुर तहसील की छह राइस मिलों का निरीक्षण किया। इस दौरान धान और चावल के स्टॉक की जांच के दौरान अनाज के रखरखाव को लेकर लापरवाही मिली। उन्होंने मिलरों से चावल को हरियांव डिपो भिजवाने का निर्देश दिया। कहा कि डिपो की क्षमता 2500 एमटी बढ़ गई है। धान और चावल को सुरक्षित न रखने के कारण मिश्रा राइस मिल, प्रकाश ट्रेडर्स, सारीपुर राइस मिल और प्रकाश मिनी राइस मिल सुधवैं को नोटिस जारी किया गया। गौरतलब है कि जिले में धान खरीद का लक्ष्य पूरा होने पर 36113 एमटी चावल की आवक होगी। केंद्रीय भंडारण निगम बभनौटी डिपो की क्षमता 5000 एमटी है। इसे हासिल करने में भी खाद्य विभाग सफल नहीं हो पा रहा है। धान खरीद का लक्ष्य 53900 एमटी है। अब तक 33398.26 एमटी धान की खरीद की जा सकी है, जो लक्ष्य का लगभग 63 फीसदी है। अब तक पांच हजार से अधिक किसानों का धान खरीदा गया है। मिलों में 23 हजार एमटी चावल तैयार है। जबकि 11 हजार एमटी चावल की ही उठान हो सकी है, जो मात्र 45 फीसदी है। चावल भंडारण की समस्या उत्पन्न होने से धान की खरीद काफी धीमी हो गई है, जिससे किसान परेशान हैं। समस्या विकाराल होने से खाद्य विभाग के आला अधिकारी भी हरकत में आ गए हैं। श्याम कुमार मिश्र, जिला खाद्य विपणन अधिकारी, भदोही ने कहा कि बिगड़े मौसम के बाद कई राइस मिलों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान अनाज के रखरखाव में लापरवाही मिली। इस पर चार राइस मिल संचालकों को नोटिस जारी किया गया है। हरियांव डिपो की भंडारण क्षमता ढाई हजार एमटी बढ़ाई गई है। अब चावल उसमें रखा जा सकेगा।