ज्ञानपुर। तमाम कवायदों के बावजूद भदोही लोकसभा सीट पर मतदान प्रतिशत न बढ़ने से चिंता बढ़ गई है। जागरूकता के लिए रैलियां और गोष्ठियां सब मतदान के दिन बेमतलब साबित हो गईं। 2014 की तुलना में इस बार मत प्रतिशत में केवल 1.21 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। मतदान की स्थिति को लेकर प्रशासनिक तैयारियां पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
रविवार को लोकसभा चुनाव के दौरान सभी पांचों विधानसभाओं में कुल 54.77 फीसदी मतदान हुआ। भदोही विधानसभा में 52 फीसदी, ज्ञानपुर में 54, औराई में 56.86, हंडिया में 58 और प्रतापपुर में 53 फीसदी मतदान हुआ। मतदान का यह प्रतिशत पिछले लोकसभा चुनाव की तुलना में मामूली अंतर से ज्यादा रहा। 2014 लोकसभा चुनाव में भदोही सीट पर 53.54 फीसदी मतदान हुआ था। जबकि इस बार मत प्रतिशत बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन से लेकर विभिन्न संगठनों तक ने तमाम कवायद की थी। दूसरी ओर कम मत प्रतिशत के पीछे वोटरों का बाहर रहना और तमाम लोगों का नाम वोटर लिस्ट में न होना भी प्रमुख कारण रहा। परऊपुर के रामेश्वर सिंह कहते हैं कि उनके गांव में तकरीबन 25 लोगों का नाम मतदाता सूची में नहीं था। उन लोगों को बूथ से वापस लौटना पड़ा। सूची में नाम न होने के पीछे प्रशासनिक खामी थी या राजनीतिक साजिश, यह जांच का विषय है। बीएलओ की लापरवाही भी लोगों के लिए मुसीबत का सबब बनी रही। बालीपुर के बबलू श्रीवास्तव ने कहा कि उनके क्षेत्र में तमाम मतदाताओं को समय पर परची नहीं पहुंच सकी थी। बीएलओ ने दिया ही नहीं। कई बीएलओ घर से बाहर रहने वाले परिवार के सदस्यों का नाम सूची में शामिल नहीं कर रहे थे। सर्वे के दौरान यह बात देखने को मिली कि मौके पर मौजूद परिवार के सदस्यों का ना ही सूची में डाला गया। इससे मतदान के समय घर लौटे वोटरों को निराशा हाथ लगी।