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तीन दिन बाद भाकपा माले का धरना समाप्त

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भदोही। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी माले के नेतृत्व में तहसील में तीन दिन से चल रहा धरना- प्रदर्शन शनिवार को समाप्त हो गया। आंदोलनकारियों ने सभा के बाद एसडीएम यमुनाधर चौहान को पत्रक सौंप कर धरने का समापन किया। साथ ही दलित उत्पीड़न, अधिकारियों की मनमानी बंद करने और पुलिस की कार्यशैली में सुधार करने की मांग की। चेतावनी दी कि ऐसा नहीं होने पर बेमियादी हड़ताल की जाएगी।
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धरने में अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (एपवा) की प्रदेश सचिव कुसुम वर्मा भी शामिल हुईं। उन्होंने कहा कि गरीब, मजदूर या महिलाएं सरकार के हर अन्याय का विरोध करेंगे। उन्होंने कहा कि अहिंसावादी तरीके से देश आजाद हुआ था। हमारा ध्येय है कि हम भ्रष्टाचार, अत्याचार, दलित उत्पीड़न खत्म करने के लिए लोकतांत्रिक ढंग अपनाएंगे। चुनाव में भाजपा ने गरीबी, भूखमरी, भ्रष्टाचार और अत्याचार खत्म करने का वादा किया था लेकिन उसके उलट पूरे प्रदेश में दलितो पर दबंगई, जमीन कब्जाने की घटनाएं बढ़ी हैं। इसमे पुलिस उनका सहयोग कर रही है। सबको मिल कर पूरी एकजुटता के साथ अत्याचारी सरकार को सत्ता से बेदखल करने का आह्वान किया गया। इस दौरान 26 नवंबर को वाराणसी पीएमओ कैंप कार्यालय के बाहर रैली में शामिल होने की अपील की गई। जिला सचिव रामजीत यादव, लालमन सरोज, बनारसी सोनकर, रामअधार, सत्यनरायण, डा.उमाशंकर यादव, जगन्नाथ, सुरेश, कुमारी रामगेना, शिवकुमारी, गिरधारी, धर्मराज, विनोद उपाध्याय, पान कुमारी, कबूतरा देवी, शिव बहादुर, नन्हकू गौतम, दीपक गौतम, दिनेश पाल, अनिल गौतम, सुभावती, अनीता, फूला देवी, लल्लन यादव आदि शामिल रहे।
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