ज्ञानपुर। सूर्योपासना का चार दिवसीय अनुष्ठान डाला छठ इस बार फिर आधी-अधूरी तैयारियों के बीच शुरू होगा। जिले के गंगा घाटों, सरोवरों और तालाबों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु छठ का व्रत रखने के बाद सूर्य को अर्घ्य देते हैं, लेकिन जिला प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सहूलियत से जुड़ी कोई भी तैयारी नहीं की गई है। न तो घाटों की साफ-सफाई कराई गई है ना ही सरोवरों की।
लोक परंपरा का महापर्व डाला छठ रविवार को नहाय-खाय के साथ आरंभ होगा। बेहद कठिन और संयमित ढंग से रखे जाने वाले इस व्रत में स्वच्छता का खास ध्यान रखा जाता है। व्रती महिलाएं घर की विधिवत साफ-सफाई करने के साथ ही पहले दिन लौकी-भात खाकर अनुष्ठान का शुभारंभ करती हैं। इस मौके पर चने की दाल, लौकी और चावल बनाया जाता है। इसके बाद अगले दिन खरना होता, जिसमें गन्ने के रस में खीर बनाकर उसका प्रसाद का वितरण किया जाता है। इसके बाद अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देकर लोक कल्याण की कामना की जाती है। इस दौरान महिलाएं गंगा घाटों, तालाबों और सरोवरों के किनारे बेदियां बनाकर उनका पूजन करती हैं। इसके बाद डूबते सूर्यदेव को अर्घ्य देकर व्रती महिलाएं घर लौट जाती हैं। लगातार निर्जला व्रत रखने के बाद अगली सुबह नदी, सरोवर या तालाब में घुटने तक पानी तक खड़े रहकर सूर्य के उदित होने का इंतजार करती हैं और उसके बाद उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। इस दौरान देवी गीत और पचरा गाए जाते हैं। चार दिनी अनुष्ठान का समापन 14 को पारण के साथ होगा। मुख्य रूप से बिहार में मनाए जाने वाले इस त्योहार का पूर्वांचल के जिलों में भी व्यापक प्रसार हो गया है। जिले में रामपुर गंगा घाट, सीतामढ़ी, बेरासपुर, बिहरोजपुर घाटों के अलावा ज्ञान सरोवर और अन्य नदियों, सरोवरों के किनारे छठ मनाया जाता है। रामपुर गंगा घाट पर हजारों लोग छठ पर अर्घ्य देते हैं। लेकिन, इस त्योहार को लेकर जिला प्रशासन की ओर से कोई तैयारी नहीं की गई है। गंगा घाटों पर अर्घ्य देने के स्थान पर मिट्टी दलदली हो चुकी है। जहां खतरे की आशंका हमेशा बनी रहती है। इसके अलावा जगह-जगह कूड़े-करकट का ढेर व्यवस्था को मुंह चिढ़ाता आसानी से दिख जाएगा। घाटों पर लोगों के खड़े होने के लिए भी समुचित स्थान नहीं है। लेकिन, इस ओर ध्यान देने की जरूरत नहीं समझी गई। कुछ ऐसा ही हाल सीतामढ़ी गंगा और अन्य तालाबों, सरोवरों आदि का है। इन स्थानों पर श्रद्धालु छठ का अर्घ्य देंगे। एडीएम राम सिंह वर्मा ने कहा कि हालांकि अब तक गंगा घाटों पर अर्घ्य देने वालों की ज्यादा संख्या नहीं होती थी, लेकिन अब पता चला है कि भीड़ बढ़ रही है। घाटों पर साफ-सफाई के साथ ही बैरिकेडिंग भी करवाई जाएगी।
लालानगर। आगामी डाला छठ पर्व के मद्देनजर रामपुर घाट पर हुई दलदली जमीन के चलते दुर्घटना की आशंका का हवाला देते हुए व्यापारियों ने प्रशासन से कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन कुछ नहीं किया गया। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने गत दिनों जिलाधिकारी को पत्रक देकर छठ के लिए गंगा घाटों पर तैयारी की मांग की थी। इसके बाद व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने आकस्मिक मीटिंग बुलाई गई, जिसमें जिला प्रशासन से मांग की गई कि यथाशीघ्र रामपुर घाट पर व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए, ताकि छठ का अर्घ्य देने वालों को परेशानी न हो।