ज्ञानपुर/सुरियावां। लखनो गांव में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन रविवार को व्यास पंडित विजय भूषण तिवारी ने कथा श्रवण से होने वाले पुण्य के बारे में बताया। उन्होंने कहा की भागवत कथा का श्रवण मुक्ति का सर्वश्रेष्ठ साधन है। भागवत कथा सुनने से पापी भी तर जाता है। इस दौरान उन्होंने शुकदेव के जन्म की कथा और भागवत महापुुराण लेखन के संबंध में विस्तार से बताया। उन्होंने परीक्षित के जन्म से लेकर श्राप तक की कथा सुनाई। कहा की कलयुग के बार-बार आग्रह पर महाराज परीक्षित ने पहले चरण में रहने के लिए चार स्थान जुआ, शराब, हिंसा और पर स्त्री गमन दिया। जब कलयुग ने फिर से आग्रह किया तो एक स्थान स्वर्ग में दिया। इस व्याख्यान पर भगवत भगवान के जयकारे से पूरा पंडाल गूंज उठा। इसी तरह सुरियावां के पूरे मनोहर अभिया में पं. जटाशंकर व्यास जी ने भागवत कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि भागवत कथा से सभी जीवों का कल्याण होता है। इसके पूर्व सुबह कलश यात्रा निकाली गई। जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। मौके पर बृजभूषण दूबे, अरविंद कुमार, मनोज कुमार, वीरेंद्र कुमार, रामजी, रामधनी आदि रहे।