सीतामढ़ी। धार्मिक और पौराणिक स्थली सीतामढ़ी में जाह्नवी का पावन तट रविवार को वैदिक मंत्रोच्चार, शंखध्वनि, घंटा घड़ियाल, गंगा पूजन, आरती और बाबा भोलेनाथ के जयकारे से गुंजायमान रहा। मौका था भागीरथी के पावन तट पर सवा करोड़ पार्थिव शिवलिंग निर्माण, श्री सीताराम महायज्ञ, और श्री राम कथा के भव्य महा आयोजन के लिए भूमि पूजन का। धार्मिक स्थली सीतामढ़ी देवाधिदेव महादेव के भक्ति रस में सरोबोर रही। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर 13 मार्च से शुरू होने वाले 11 दिवसीय महाअनुष्ठान के लिए रविवार को वैदिक विधान से भूमि पूजन प्रमुख समाजसेवी और कार्यक्रम के अध्यक्ष राहुल दूबे ने किया। गंगा के पावन तट पर भूमि पूजन स्वामी बृजेशानंद जी महराज, पं. हरिप्रसाद मिश्रा शास्त्री और पं. गुलाब तिवारी ने विधि विधान पूर्वक शास्त्रोक्त विधि से सम्पन्न कराया। इस मौके पर महाअनुष्ठान के अधिष्ठाता स्वामी जी और अध्यक्ष राहुल दूबे ने कहा कि भदोही जनपद में यह महाअनुष्ठान अपने आप में पहला है। आध्यात्म के क्षेत्र में जनपद में इतिहास बनने जा रहा है। कहा जन कल्याण के निमित्त यह धार्मिक महाअनुष्ठान उज्जैन के बाबा महाकाल को समर्पित है। भूमि पूजन के पश्चात मां गंगा पूजन कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। इसके बाद प्रसाद वितरित किया गया। ज्ञात हो कि महाशिवरात्रि से शुरू हो रहे धार्मिक कार्यक्रम महर्षि वाल्मीकि आश्रम गंगा तट पर सपन्न होंगे। इस मौके पर सुरेश मिश्र, श्यामबहादुर सिंह, विमल मिश्र, विधान चंद्र दुबे, रविशंकर पांडेय, वकील दुबे, आनंद शुक्ल, जज्जे पांडेय, मनीजर दुबे, तारकेश्वर नाथ दूबे, पंडित यादव, रामकिशन मिश्रा आदि रहे।