भदोही। नगर में जाम की समस्या नासूर बनती जा रही है। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों द्वारा इस ज्वलंत समस्या की ओर ध्यान नहीं देने से स्थिति सुधरने के बजाए बिगड़ती जा रही है। सप्ताह के सातों दिन वाहन स्वामियों को कहीं न कहीं इस समस्या से जूझना पड़ता है। सबसे बड़ी समस्या इंदिरा मिल रेलवे फाटक मार्ग बंद करने से है। इस मार्ग पर चार वर्षों से फ्लाईओवर का निर्माण चल रहा है लेकिन अब तक पूरा नहीं हो सका है। विडंबना यह है कि पिछले 8 महीनों में फ्लाईओवर का 20 प्रतिशत काम नहीं हो सका। इंदिरा मिल मार्ग बंद होने से जाम की समस्या नए नए क्षेत्रों में फैल गई है। चौरी रोड, रेवड़ा परसपुर रेलवे फाटक मार्ग और अहमदगंज गजिया मार्ग जाम की चपेट में है। लिप्पन तिराहा और पकरी तिराहा हमेशा जाम की चपेट में रहने लगे हैं। स्कूल खुलने और स्कूल बंद होने के समय लोगों को जाम में जूझना पड़ता है। स्टेशन रोड पर जाम की नई समस्या खड़ी हो गई है। सपा नेता हसनैन अंसारी कहते हैं पूरा नवंबर माह यातायात जागरूकता माह के रूप में मनाया गया। पूरा माह सिर्फ वाहनों के कागजातों की जांच और चालान काटने में ही बीत गया। अखिल भारतीय कालीन निर्माता संघ (एकमा) के मानद सचिव पियूष बरनवाल ने कहा कि पहले यातायात इतना बदहाल नहीं था। कहा कि जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी जानते हैं कि इंदिरा मिल फ्लाईओवर के चालू होते ही चौरी रोड और रेवड़ा मार्ग से जाम की समस्या खत्म हो जाएगी लेकिन इस दिशा में कोई सोचने वाला नहीं है। जमुनीपुर कालोनी के परवेज अंसारी ने कहा कि स्कूल बस से नन्हें नन्हें बच्चे स्कूल जाने और फिर आने में ही बदहाल हो जाते हैं। जाम से निपटने के लिए पुलिस विभाग के पास कोई प्लान नहीं है। लिप्पन तिराहे, पकरी तिराहे, इंदिरा मिल, रेवड़ा फाटक पर सिपाही तो तैनात रहते हैं लेकिन वे जबतब गायब रहते हैं। इतना ही नहीं ये सिपाही नो इंट्री का सही से पालन तक नहीं करा पाते जिससे जाम की समस्या ज्वलंत होती जा रही है। यातायात नियम तोड़ने वालों पर नजर रखने के लिए पुलिस विभाग और एनजीओ के सहयोग से पकरी तिराहे पर जोरशोर से सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे वे लगने के कुछ ही दिन बाद से बंद पड़े हैं। पुलिस अधीक्षक और डीएम ने इसका बकयदा शुभारंभ भी किया था लेकिन आज कैमरों की क्या स्थिति है और क्यों बंद हैं इस बारें में जानकारी लेने वाला कोई नहीं है।