ज्ञानपुर। दीवानी न्यायालय परिसर में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय मेगा लोक अदालत में 1462 मामलों का निस्तारण हुआ। आपराधिक मामलों में 83 हजार 445 अर्थदंड वसूला गया जबकि 25 हजार स्टैंप कमी वसूल की गई। मोटर दुर्घटना प्रतिकर के मामलों में 24 लाख मृतकों के आश्रितों को क्षतिपूर्ति दिलाई गई साथ ही बैंक के प्री लिटिगेशन मामलों में दो करोड़ 11 लाख 31 हजार समझौता राशि तय की गई। जिलाजज अनिल कुमार गुप्ता ने सरस्वती प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि लोक अदालत से बड़ी संख्या में लोगों को न्याय मिल जाता है। दशकों से न्यायालय का चक्कर काटने वाले लोगों को इससे सहूलियत मिलती है। इस दौरान जिला जज ने मोटर दुर्घटना के 20 मामलों में 23 लाख 45 हजार मृतकों के आश्रितों एवं घायलों को क्षतिपूर्ति दिलाने के साथ ही सिविल के तीन मामलों का निस्तारित किया। विद्युत के 46 मामलों में 52 हजार अर्थदंड आरोपित किया गया। अपर जिला जज द्वितीय प्रभाकर राय ने आपराधिक के तीन, मोटर दुर्घटना के चार और बिजली के 14 मामलों का निस्तारण किया। अपर जिला जज मृदुल कुमार मिश्रा ने आपराधिक और मोटर दुर्घटना के एक-एक मामले का निस्तारित कर दो हजार अर्थदंड आरोपित किया। अपर जिलाजज त्वरित अशोक कुमार द्विवेदी ने वैवाहिक के नौ और सिविल का एक मामला निस्तारित किया। सीजेएम संजीव कुमार सिंह ने आपराधिक के 165 मामलों में एक लाख 98 हजार अर्थदंड, सिविल जज सीनियर डिवीजन सत्यवान सिंह ने व्यवहारिक के 10 वाद, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रवीण कुमार पांडेय ने आपराधिक के 43 मामलों में 18 हजार 360 अर्थदंड, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय कमलकांत श्रीवास्तव ने आपराधिक के 41 मामले में छह हजार 250 अर्थदंड वसूलकर निस्तारित किया। सिविल जज पूर्णिमा सागर ने दीवानी के नौ मामले, जेएम प्रथम पवन कुमार सिंह ने आपराधिक के 94 मामले में 13 हजार 925 अर्थदंड वसूलकर निस्तारित किया। अपर सिविल जज दीपक नाथ सरस्वती ने दीवानी के चार मामलों का निस्तारण किया। सहायक आयुक्त स्टांप ने दो वाद में 25 हजार अर्थदंड वसूला। एसडीएम भदोही ने आपराधिक के 1147, एसडीएम ज्ञानपुर ने आपराधिक के 425 और औराई एसडीएम ने आपराधिक के 75 मामले, तहसीलदार ज्ञानपुर ने राजस्व के 15, औराई ने राजस्व के 22 और भदोही ने 36 मामले निस्तारित किया। निस्तारित मामलों से 1500 से अधिक लोग लाभान्वित हुए। बैंक के एनपीए खातों के बैंक लोन रिकवरी के मामलों का निस्तारण करते हुए प्री लिटिगेशन मामलों में दो करोड़ 11 लाख 31 हजार समझौता राशि तय की गई।