सुरियावां। पानी के अभाव में वरुणा नदी के किनारे स्थित दर्जनों गांवो की सैकड़ों बीघे धान की फसल सूख रही है। बारिश न होने से नदी में पानी नहीं है, नदी बिल्कुल सूख गई है। किसानों ने नदी में नहर का पानी छोड़ने की मांग की है।
वरुणा नदी से सटे सुरियावां के करीब 20 से अधिक गांव की सैकड़ों एकड़ खेती नदी के किनारे ही स्थित है। बारिश अधिक होने से फसल डूबकर नष्ट होती है जबकि बारिश न होने से सूखे से फसल बर्बाद हो जाती है। इस साल बारिश न होने से नदी में पानी नहीं है। वरुणा नदी में पानी रहता तो किसान डीजल इंजन चलाकर धान की फसल बचा लेते। भंडा गोपालापुर, सरायकंस्राय, कीर्तिपुर, छाक जीत राय, अभिया, पुरमनोहर, हरिपुर, तुलापुर बहादुराना, कैड़ा, छतमा, तिलकनाथ, बहुता चकडाही, भीमसेनपुर, चकटेकी, सुजानगिर, अबरना, हरिहरपुर, बहुता सरदार, बली का पूरा, मर्दांसाहपुर, पूरे बदल, सांडा, विसापुर, विसहि, गोदमा, चौगुना, गोपीपुर, मधुपट्टी, सुजानपुर, चौरापुर बैदान कारियाव आदि गांव वरुणा नदी के किनारे स्थित है। इन गांवों में नहर भी नहीं है। धान की सूख रही फसल देख किसान परेशान हैं। किसान रामधारी सिंह, प्रेम विहारी उपाद्याय, धर्मराज यादव, राम खेलावन उपाध्याय, अशोक मिश्र , अनिल सिंह, मुकेश सिंह, वीरेंद्र सिंह, शेसन, ओमप्रकाश, शिव कुमार पाल, रामजीत यादव, लालता यादव, धर्मराज आदि ने सांसद, विधायक, जिलाधिकारी, मंडला आयुक्त से वरुणा नदी में पानी छोड़वाने की मांग की है।